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ट्रेड वॉर में भारत की जीत: अमेरिका-ईयू के बीच फंसा भारत बना 'ग्लोबल प्लेयर', दोनों शक्तियों से हासिल की ऐतिहासिक डील

Published: Wed, 04 Feb 2026 05:30 AM (IST)Updated: Wed, 04 Feb 2026 07:31 AM (IST)

एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट में दक्षिण एशिया मामलों के विशेषज्ञ फारवा आमेर ने दावा किया है कि भारत और अमेरिका ...और पढ़ें

भारत-ईयू एफटीए से अमेरिका ट्रेड डील करने को हुआ मजबूर (सांकेतिक तस्वीर)

भारत-ईयू एफटीए से अमेरिका ट्रेड डील करने को हुआ मजबूर (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. भारत-ईयू एफटीए से अमेरिका ट्रेड डील करने को हुआ मजबूर

  2. भारत-यूरोप की नजदीकी देख अमेरिका, रूसी तेल खरीद पर दी दबी जुबान में राहत

आईएएनएस, न्यूयॉर्क। अमेरिका की भारत के साथ हुई ट्रेड डील अनायास नहीं है। इसके पीछे हाल में भारत की यूरोपीय यूनियन (ईयू) के साथ हुई मदर ऑफ ऑल डील्स बड़ी वजह मानी जा रही है।

 अमेरिका ने व्यापार वार्ता फाइनल करने के लिए दबाव डाला

एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट में दक्षिण एशिया मामलों के विशेषज्ञ फारवा आमेर ने दावा किया है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता लंबे समय से चल रही थी, लेकिन इसे अंतिम पड़ाव पर पहुंचाने के लिए ईयू को श्रेय दिया जाना चाहिए। किसी नुकसान से बचने के लिए अमेरिका ने व्यापार वार्ता फाइनल करने के लिए दबाव डाला।

आमेर ने कहा कि ये टाइ¨मग दिलचस्प है, जो ईयू-एफटीए के तुरंत बाद आनन-फानन अमल में आई है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए रूस का सवाल बना हुआ है। भले ही भारत ने तेल आयात ढांचे में बदलाव लाते हुए रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है, लेकिन वह रूस से संबंध बनाए रखना चाहेगा।

एक अन्य विशेषज्ञ वेंडी कटलर ने कहा कि इस डील के बाद भारत को दक्षिण एशिया में बढ़त हासिल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि अमेरिका को भारत के साथ ईयू से बेहतर डील मिली है।

आत्मनिर्भर का मतलब अकेल चलना नहीं: विरमानी

नीति आयोग के सदस्य अरविंद विरमानी ने मंगलवार को इस बात पर जोर दिया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील प्रतिस्पर्धी एकीकरण के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा, ताली बजाने के लिए दो हाथ लगते हैं; दूसरा हाथ अब आगे आ गया है। यह निर्यात, निवेश और दीर्घकालिक वृद्धि के लिए अच्छी खबर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब अकेले चलना नहीं है।

उन्होंने कहा, भारत ने ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और ईयू के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं और अन्य देशों के साथ ट्रेड डील पर बातचीत उन्नत चरण में है। हम संरक्षणवादी नहीं हैं। ये समझौते ज्यादातर चीजों पर टैरिफ को खत्म करते हैं और भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का जरूरी हिस्सा बनाते हैं।

विरमानी ने सेमीकंडक्टर और रेअर अर्थ मिनरल्स पर सरकार के फोकस पर जोर दिया। विरमानी ने इन्हें स्ट्रेटेजिक इकोनमिक गुड्स बताया।