संयुक्त राष्ट्र, प्रेट्र। भारत ने चीन पर निशाना साधते हुए मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में कहा कि हमने हमेशा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का सम्मान करते हुए अपने विकास संबंधी साझेदारी के प्रयासों से वैश्रि्वक एकजुटता को बढ़ावा देने का प्रयास किया है और यह सुनिश्चित किया है कि भारत की सहायता किसी को 'कर्जदार' नहीं बनाए।

वर्तमान अध्यक्ष मेक्सिको की अगुवाई में सुरक्षा परिषद में अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा की देखभाल : बहिष्करण, असमानता और संघर्ष विषय पर आयोजित खुली बहस के दौरान विदेश राज्य मंत्री डा.राजकुमार रंजन सिंह ने कहा कि चाहे पड़ोसी प्रथम नीति के तहत भारत के पड़ोसियों के साथ हो या अफ्रीकी भागीदारों के या अन्य विकासशील देशों के साथ भारत उन्हें बेहतर और सशक्त बनाने में मदद करने के लिए मजबूत समर्थन का स्रोत बना हुआ है और बना रहेगा।

सिंह ने कहा कि भारत ने हमेशा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का सम्मान करते हुए विकास साझेदारी के प्रयासों के साथ वैश्विक एकजुटता को बढ़ावा देने का प्रयास किया है और यह सुनिश्चित किया है कि हमारी सहायता, सदैव मांग-संचालित बनी रहे, रोजगार सृजन एवं क्षमता निर्माण में योगदान करे और किसी को कर्जदार बनाने जैसी स्थिति पैदा नहीं करे।

इमरान सरकार दाम नियंत्रण के लिए बेचेगी चीनी का पूरा स्टाक

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान देश में चीनी के बेतहाशा बढ़ते दाम को नियंत्रित करने में जुट गए हैं। इस कवायद में उन्होंने चीनी का पूरा स्टाक बिक्री के लिए बाजार में उतारने का निर्णय लिया है। देश में इस समय चीनी 150 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रही है।जियो टीवी के अनुसार, इमरान की अध्यक्षता में मूल्य नियंत्रण पर सोमवार को हुई बैठक में 15 नवंबर से पूरे देश में गन्ने की पेराई शुरू करने निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार गरीबों पर बोझ कम करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। इससे पहले शुक्रवार को इमरान ने कहा था कि सिंध प्रांत में तीन मिलों को अचानक बंद किए जाने से चीनी की कीमत में रिकार्ड वृद्धि हुई है। पाकिस्तान में चीनी समेत तकरीबन सभी खाद्य पदार्थो के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पेट्रोल भी 145 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इमरान सरकार महंगाई के चलते विपक्षी दलों के निशाने पर है।

Edited By: Shashank Pandey