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UN में भारत ने पाक को लताड़ा: वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हमले का मास्टरमाइंड गुफाओं में नहीं, पाकिस्तान में फरमा रहा था आराम

Published: Thu, 17 Sep 2026 08:10 PM (IST)Updated: Thu, 17 Sep 2026 08:33 PM (IST)

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान पर आतंकवाद को पनाह देने का कड़ा आरोप लगाया। 9/11 के मास्टरमाइंड्स ...और पढ़ें

संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला (फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला (फाइल फोटो)

HighLights

  1. भारत ने यूएन में पाकिस्तान पर आतंकवाद को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

  2. 9/11 के मास्टरमाइंड पाकिस्तान के शहरी इलाकों में आराम से रह रहे थे।

  3. लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को आज भी संरक्षण।

पीटीआई, न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत ने पाकिस्तान पर बेहद कड़ा और तीखा हमला बोला है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वथनेनी ने 9/11 के खौफनाक आतंकी हमलों की याद दिलाते हुए कहा कि इन हमलों के मास्टरमाइंड और अल-कायदा के बड़े सरगना जंगलों, पहाड़ों या दूर-दराज की गुफाओं में नहीं, बल्कि बस्तियों और सुरक्षित इलाकों में आराम से रह रहे थे।

भारत ने दो टूक शब्दों में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को चेताया कि जिस 'अनुकूल माहौल' ने अतीत में आतंकवादियों को पाला-पोसा, वही आज भी लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे खूंखार आतंकी संगठनों को संरक्षण दे रहा है।

संबोधन के दौरान भारतीय दूत ने 9/11 के उन कुख्यात चेहरों का विशेष रूप से उल्लेख किया जिन्होंने मानवता को लहूलुहान किया था। उन्होंने याद दिलाया कि ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के एबटाबाद में एक किलेबंद परिसर में मार गिराया गया था। 9/11 का मुख्य साजिशकर्ता खालिद शेख मोहम्मद रावलपिंडी के एक सामान्य रिहायशी मकान में छिपा मिला था।

इसके अलावा रमीज बिन अल-शिब, वलीद बिन अत्ताश और मुस्तफा अहमद अल-हवसावी जैसे अन्य प्रमुख अल-कायदा आपरेटिव भी पाकिस्तान के विभिन्न शहरी केंद्रों से ही पकड़े गए थे।

पर्वथनेनी ने स्पष्ट किया कि ये मानवता के राक्षस किसी बियाबान या कानून विहीन सीमाई इलाकों के भगोड़े नहीं थे, बल्कि इन्हें सुनियोजित तरीके से सुरक्षा कवच प्रदान किया गया था।

भारत ने भारी मन से उन मासूमों को याद किया जिन्हें इस खूनी आतंकवाद ने हमेशा के लिए अपनों से छीन लिया। इस बात पर गहरी चिंता भी जताई कि किस प्रकार आज भी आतंकवादी संगठन प्रतिबंधों से बचने के लिए अपनी पहचान बदलकर खुलेआम घूम रहे हैं और उनके प्रशिक्षण शिविरों को बचाया जा रहा है।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि इस दलदल को पूरी तरह सुखाना होगा ताकि कोई भी देश या नागरिक आतंकवाद की इस विभीषिका का शिकार न हो।