अमेरिका में मौत की सजा के दौरान दो बार जहरीला इंजेक्शन देने के बाद भी बच गई कैदी; हैरान करने वाला मामला आया सामने
अमेरिका के टेनेसी में मौत की सजा पाने वाली कैदी क्रिस्टा पाइक को दो बार जानलेवा इंजेक्शन देकर सजा देने ...और पढ़ें

अमेरिका में मौत की सजा के दौरान दो बार जहरीला इंजेक्शन देने के बाद भी बच गई कैदी
HighLights
टेनेसी की मौत की सजा के प्रोटोकाल में दवाओं वाली सिरिंज का दूसरा सेट भी रखा जाता है
लेकिन इसमें यह नहीं बताया गया है कि अगर दूसरे के बाद भी जिंदा रहता है, तो क्या होगा
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिका के टेनेसी में मौत की सजा पाने वाली कैदी क्रिस्टा पाइक को दो बार जानलेवा इंजेक्शन देकर सजा देने की कोशिश नाकाम हो गई। वह दोनों बार बच गई। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया। उसकी कानूनी टीम ने कहा कि पाइक बेहोश हो गई है, लेकिन उसकी धड़कन चल रही है और खर्राटे सुनाई दे रहे हैं।
उसके वकील ने बीबीसी को बताया कि दो इंजेक्शन दिए जाने के बाद 50 वर्षीय पाइक को अब अस्पताल में जीवन बचाने वाली चिकित्सा दी जा रही है। पाइक को 1996 में 19 वर्षीय कोलीन स्लेमर की हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी।
सजा पर अमल को लेकर आखिरी समय तक कानूनी लड़ाई चली। आखिरकार, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जानलेवा इंजेक्शन के जरिए सजा देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी।
पाइक 18 साल की थी जब उसने और उसके बायफ्रेंड टेडरिल शिप ने 19 साल की स्लेमर की हत्या की थी। वे स्लेमर से परेशान किशोरों के लिए आयोजित एक जाब ट्रेनिंग कैंप में मिले थे। सजा-ए-मौत देने की यह कोशिश नैशविल के रिवरबेंड मैक्सिमम सिक्योरिटी इंस्टीट्यूशन में गुरुवार को स्थानीय समयानुसार रात आठ बजे की गई।
एपी की रिपोर्ट के अनुसार, पाइक को दो डोज दी गईं। टेनेसी की मौत की सजा के प्रोटोकाल में दवाओं वाली सिरिंज का एक दूसरा सेट भी रखा जाता है, ताकि अगर पहली बार में मौत न हो, तो उसका इस्तेमाल किया जा सके। लेकिन इसमें यह नहीं बताया गया है कि अगर दूसरे सेट के बाद भी व्यक्ति जिंदा रहता है, तो क्या होगा।
