वाशिंगटन, रायटर। पुलिस हिरासत में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के खिलाफ पूरे अमेरिका में विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी है। कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों की भिड़ंत भी होती है। इस दौरान पुलिस उन पर रबर बुलेट, मिर्च स्प्रे, आंसू गैस और कम खतरनाक दूसरे हथियारों का इस्तेमाल करती है। हालांकि कुछ पुलिस पुलिसकर्मी टेजर जैसे हथियारों का भी प्रयोग करते हैं, जिससे लोगों की मौत हो जाती है। खास बात यह है कि पुलिस द्वारा टेजर के इस्तेमाल के दौरान सर्वाधिक मौतें अश्वेतों की हुई हैं।

समाचार एजेंसी रायटर द्वारा वर्ष 2000 से 2018 तक एकत्र किए गए आंकड़ों के मुताबिक पुलिस द्वारा टेजर का इस्तेमाल करने से 1,081 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में 32 फीसद लोग अश्वेत थे। जबकि 29 फीसद श्वेत थे। पुलिस द्वारा दर्ज की गई रिपोर्ट और अभिलेखों के मुताबिक टेजर से मरने वाले 13 फीसद हिस्पैनिक जाति से ताल्लुक रखते थे जबकि 26 फीसद की जातीयता की पहचान नहीं हो सकी है। अमेरिका की कुल जनसंख्या में अफ्रीकी-अमेरिकियों की तादाद जहां 14 फीसद है वहीं नॉन हिस्पैनिक श्वेतों की तादाद 60 फीसद है। अमेरिकन सिविल लिबर्टी यूनियन के वरिष्ठ वकील कार्ल टेकी ने कहा कि टेजर से होने वाली यह मौतें भयानक हैं।

पहले से रुके व्यक्ति पर ना करें इस्तेमाल

टेजर बनाने वाली कंपनी एक्सोन इंटरप्राइजेज इंडस्ट्री ने कहा है कि इसका इस्तेमाल उन लोगों पर कतई नहीं किया जाना चाहिए, जो या तो गाड़ी चला रहे हैं या फिर पहले से रुके हुए हैं। वर्ष 2000 की शुरुआत में आग्नेयास्त्रों के मुकाबले कम घातक हथियार के तौर पर पुलिस को टेजर दी गई थी। इससे पचास हजार वोल्ट का करंट निकलता है जो भाग रहे अपराधी को झटका देता है। इससे निकलने वाला करंट मात्र पांच सेकेंड होता है, लेकिन कभी-कभी इसके प्रयोग से अपराधी की मौत भी हो जाती है।

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