वाशिंगटन, न्यूयॉर्क टाइम्स। नियमित व्यायाम शरीर के लिए कितना जरूरी है, यह सब जानते हैं। इसके बावजूद बहुत लोग मिल जाएंगे, जो एक-दो दिन या हफ्तेभर व्यायाम करने के बाद छोड़ देते हैं। व्यायाम उनके मन को नहीं भाता है। व्यायाम से होने वाली थकान और बोरियत उन्हें इससे दूर कर देती है। हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने व्यायाम को लेकर रुचि बढ़ाने का तरीका खोजा है। इसमें पाया गया है कि अच्छा संगीत व्यायाम से होने वाली बोरियत को दूर कर देता है। इतना ही नहीं, संगीत से व्यायाम का असर भी बढ़ जाता है।

अध्ययन के दौरान ऐसे लोगों को चुना गया, जो प्राय: व्यायाम नहीं करते थे। सभी प्रतिभागियों को कसरत शुरू करने से पहले यह बताया गया कि अध्ययन का उद्देश्य व्यायाम से उनके शरीर और मन पर पड़ने वाले असर को जानना है। किसी भी प्रतिभागी को संगीत के बारे में कोई बात नहीं बताई गई। हालांकि उन्हें यह चुनने का मौका जरूर दिया गया कि वह कैसा संगीत सुनना चाहेंगे। इसी तरह, एक बार उन्हें किसी बहाने से बिना संगीत के व्यायाम करने को भी कहा गया।

प्रतिभागियों ने की एचआइआइटी

इस दौरान प्रतिभागियों से हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (एचआइआइटी) कराई गई। यह तेज व्यायाम का एक तरीका है। इसमें व्यक्ति को कुछ सेकेंड या कुछ मिनट ही बहुत सख्त व्यायाम करना होता है। प्रयोग के दौरान प्रतिभागियों से साइकिल चलाने को कहा गया था। उन्हें दो-दो मिनट के अंतराल पर 20 सेकेंड के लिए तेजी से साइकिल चलानी थी। कुल मिलाकर व्यायाम एक मिनट का था।

जुटाए गए आंकड़े

व्यायाम के बाद सभी प्रतिभागियों से उनके अनुभव के बारे में पूछा गया। उनसे यह भी पूछा गया कि उन्हें कितनी थकान या बोरियत महसूस हुई। इसके अलावा विभिन्न तरीकों से व्यायाम के दौरान उनके शरीर की गतिविधियों और दिल की धड़कन पर भी नजर रखी गई थी। सभी आंकड़ों और प्रतिभागियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला।

अलग संगीत का अलग असर

शोधकर्ताओं ने पाया कि संगीत से व्यायाम पर फर्क पड़ता है। जिस दौरान संगीत चल रहा था, प्रतिभागियों ने कम थकान का अनुभव किया। इतना ही नहीं, उस दौरान उन्होंने शारीरिक तौर पर ज्यादा मेहनत की। इसमें संगीत के प्रकार से भी फर्क देखने को मिला। शोधकर्ताओं ने बताया कि जब आसपास तेज और उत्साहित करने वाला संगीत बजता है, तब व्यक्ति बिना सोचे ही उसके साथ ताल मिलाने लगता है। इस कोशिश में वह ज्यादा मेहनत करता है। हालांकि मन संगीत की तरफ रहने के कारण उसे थकान और बोरियत का अनुभव नहीं होता। वहीं अगर धीमा संगीत या यूं ही किसी बातचीत का कोई ऑडियो चल रहा हो, तो उससे व्यायाम पर कोई असर नहीं पड़ता है। बिलकुल शांति होने पर व्यक्ति को बोरियत और थकान का अनुभव ज्यादा होता है।

Posted By: Sanjay Pokhriyal