अमेरिकी स्कूलों में बदलेगा हिंदू धर्म पढ़ाने का तरीका, भारतवंशी शिक्षकों से किया जा रहा संपर्क
अमेरिकी स्कूलों में हिंदू धर्म को पढ़ाने के तरीके को बदलने के लिए हिंदू-अमेरिकी माता-पिता का एक समूह सक्रिय है। ...और पढ़ें
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अमेरिकी स्कूलों में बदलेगा हिंदू धर्म पढ़ाने का तरीका (यह तस्वीर AI से बनाई गई है।)
HighLights
हिंदू-अमेरिकी माता-पिता ने शिक्षा में बदलाव की पहल की।
न्यू जर्सी टीचर्स कॉन्फ्रेंस में इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया।
शिक्षकों को सटीक जानकारी और व्यावहारिक संसाधन प्रदान किए गए।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी स्कूलों में हिंदू धर्म को पढ़ाने के तरीके को बदलने के लिए हिंदू-अमेरिकी माता-पिता का एक समूह सीधे शिक्षकों तक पहुंच रहा है। हिंदू पेरेंट्स नेटवर्क ने बताया कि उसने 2026 के न्यू जर्सी टीचर्स कान्फ्रेंस में एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया।
जिसका विषय बदलती दुनिया में हिंदू धर्म की सटीक और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील शिक्षा था, इसमें 200 शिक्षक शामिल हुए थे।
समूह ने कहा कि इस सत्र में हिंदू धर्म से जुड़ी आम गलतफहमियों को दूर किया गया, कक्षा में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई और शिक्षकों की मदद के लिए व्यावहारिक संसाधन साझा किए गए।
उन्हें बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। शिक्षकों ने सटीक संसाधनों की आवश्यकता को समझा और व्यावहारिक समाधानों का स्वागत किया।
वहीं, यूनिवर्सिटी आफ ह्यूस्टन में राजनीति विज्ञान के भारतवंशी छात्र वसंत भट्ट का कहना है कि उन्हें कंजरवेटिव उच्च शिक्षा समाचार वेबसाइट कैंपस रिफार्म के संवाददाता कार्यक्रम से हटा दिया गया है।
ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से बताया था कि भारतीयों के प्रति नफरत के विरोध में उन्होंने डेमोक्रेट उम्मीदवार को वोट दिया था। (समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)
