न्यूयॉर्क, एएनआइ। पाकिस्तान की आतंक पर एक बार फिर चेहरा बेनकाब हो गया है। मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और अंतरराष्ट्रीय आतंकी हाफिज सईद को पाकिस्तान के गुहार पर संयुक्त राष्ट्र से राहत मिल गई है। संयुक्त राष्ट्र की समिति ने रोजमर्रा के खर्चों के लिए हाफिज सईद को अपने बैंक खाते का इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है। हाफिज को राहत दिलाने के लिए पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र को एक चिट्ठी लिखी थी। पाकिस्तान ने इसमें यूएनएससी से हाफिज को उसके बैंक खाते का इस्तेमाल करने की इजाजत देने मांग की थी।निर्धारित समय सीमा के भीतर इस पर कोई आपत्ति नहीं आने के बाद परिषद से उसे अनुमति मिल गई।

हाफिज के अलावा हाजी मुहम्मद अशरफ और जफर इकबाल को भी इसकी अनुमति मिली है। परिषद ने इसके खिलाफ अपील करने के लिए 15 अगस्त 2019 तक का समय दिया था। इसके खिलाफ अपील न करने की वजह से उन्हें इसकी अनुमति मिल गई है। पाकिस्तान ने अपने इस पत्र में लिखा  'हाफिज के परिवार में चार लोग हैं। पूरा परिवार उसपर आश्रित है। हाफिज पर अपने परिवार के सदस्यों की खर्च उठाने की जिम्मेदारी है।'

हाफिज के खिलाफ दिखावे की कार्रवाई

बता दें कि हाफिज सईद को 17 जुलाई को आतंकी फंडिंग के मामले गिरफ्तार किया गया था। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किए गए वैश्विक आतंकी सईद को फिलहाल कड़ी सुरक्षा के बीच लाहौर के कोट लखपत जेल में रखा गया है। हालांकि, उसके पाकिस्तान का यह कार्रवाई दिखावा मात्र ही है। बुधवार को लाहौर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले की सुनवाई कर रही दो सदस्यीय पीठ बदल दी है। भारत ने सईद की गिरफ्तारी को नाटक बताया था। 

UAPA के तहत हाफिज आतंकी घोषित

भारत ने इसी महीने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून (UAPA) के तहत हाफिज समेत मसूद अजहर, जकी उर रहमान लखवी और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को व्यक्तिगत तौर पर आतंकी घोषित कर दिया था। भारत के इस फैसले का अमेरिका ने भी समर्थन किया है। 

कौन है हाफिज सईद

हाफिज सईद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है। पाकिस्तान में जमात उद दावा नामक संगठन चलाता है। 2008 में मुंबई हमले का सूत्रधार रहा जिसमें 164 लोग मारे गए। इसी हमले के बाद अमेरिका ने इसके सिर पर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। 2006 में मुंबई ट्रेन धमाकों में भी इसका हाथ रहा। 2001 में भारतीय संसद तक को इसने निशाना बनाया। एनआइए की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है। भारत सहित अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, रूस और ऑस्ट्रेलिया ने इसके दोनों संगठनों को प्रतिबंधित कर रखा है।

Posted By: Tanisk

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