विंस्टन-सलेम, एपी। हैकरों ने नस्लवादी (racist) भाषा का इस्तेमाल कर वेक फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी (Wake Forest University) की ऑनलाइन मीटिंग में खलल पैदा कर दी। स्कूल की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक मैसेज में नाथन हैच ने बताया कि वेक फॉरेस्ट के 500 स्टाफ बुधवार को जूम कॉल (Zoom call) में थे तभी एक अज्ञात हैकर ने इसमें व्यवधान पैदा कर दिया। गुरुवार को विंस्टन-सलेम जर्नल ने यह जानकारी दी।

बता दें कि दुनिया भर में फैली महामारी के कारण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ही अधिकांश काम हो रहे हैं। शॉपिंग, बच्चों की पढ़ाई,ऑफिस की मीटिंग आदि इंटरनेट के जरिए ही निपटाए जा रहे हैं। वर्चुअल सिस्टम ने हैकरों के रास्ते को बढ़ावा दिया है और हैकिंग के मामले इन दिनों काफी अधिक सामने आ रहे हैं। यूनिवर्सिटी के इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी स्टाफ इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह हैकर कहां से आया। हैच ने आगे बताया कि हैकरों को इस मीटिंग का लिंक सार्वजनिक मंच पर शेयर करने के बाद मिला जहां मीटिंग का पासवर्ड भी था।

हैच ने कहा, 'जूम कॉल पर उस वक्त मौजूद लोगों विशेषकर अश्वेत सहयोगियों के लिए यह कड़वा वाक्या जैसा था। साथ ही इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि हम सभी को एक दूसरे को और हमारे समुदाय को ऐसे हैकरों से सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। पिछले साल सितंबर में, वेक फॉरेस्ट के कई प्रोफेसरों और कर्मचारियों ने नस्लवादी, होमोफोबिक और एंटी-सेमिटिक ईमेल मिले जो जातीय अल्पसंख्यकों और एलजीबीटी छात्रों के खिलाफ हैं।

हाल में ही अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में अश्वेत जार्ज फ्लॉयड की मौत पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान हो गई। जिसके बाद देश में काफी विरोध प्रदर्शन हुआ। यहां तक कि प्रदर्शनकारियों ने दासता के प्रतीक या इसे समर्थन देने वाले तमाम मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। दूसरी ओर अमेरिका में कोविड-19 का संक्रमण के कारण देश में गंभीर हालात हैं। यहां इस साल नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव भी होने वाला है।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस