एआई हो रहा बेकाबू, जेमिनी ने खुद-ब-खुद तीन कंपनियों की साइट हैक की
गूगल की एआई जेमिनी ने एक टेस्ट के दौरान अपनी सीमा से आगे बढ़कर तीन कंपनियों के नेटवर्क में सेंध ...और पढ़ें

जेमिनी ने खुद-ब-खुद तीन कंपनियों की साइट हैक की। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)
HighLights
जेमिनी एआई ने टेस्ट के दौरान तीन असली कंपनियों को हैक किया।
एआई मॉडल ने खुद ही हमले रोके, कंपनियों को कोई नुकसान नहीं।
यह घटना एआई के बेकाबू होने की आशंकाओं को और बढ़ा रही है।
डिजिटल डेस्क, सैन फ्रांसिस्को। कई विशेषज्ञ एआई को मानव सभ्यता के लिए खतरा बता रहे हैं। इस बीच ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो यह संकेत दे रही हैं कि एआई बेकाबू होती जा रही है। गूगल की एआई जेमिनी ने मई में एक टेस्ट के दौरान अपनी सीमा से आगे निकलते हुए तीन कंपनियों के नेटवर्क में सेंध लगा दी।
गूगल के अनुसार, ये घटनाएं जेमिनी की साइबर-सिक्योरिटी क्षमताओं को परखने के लिए किए जा रहे टेस्ट के दौरान हुईं। तीनों कंपनियों के नेटवर्क में लॉग-इन करने के बाद एआई मॉडल ने खुद ही अपने हमले रोक दिए।
इन हैकिंग की घटनाओं का पता चलने से पहले एंथ्रोपिक, ओपनएआई और मेटा जैसी अन्य प्रमुख एआई लैब्स में भी ऐसी ही घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे यह डर बढ़ गया है कि यह टेक्नोलाजी इंसानों के नियंत्रण से बाहर हो सकती है।
एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई जैसे कुछ इंडस्ट्री लीडर्स ने इसके जवाब में एआई के विकास की गति धीमी करने की मांग की है। वहीं, चिप बनाने वाली कंपनी एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग जैसे अन्य लोगों का कहना है कि एआई का विकास तेजी से जारी रहना चाहिए।
जेमिनी ने डमी कंपनी की जगह असली कंपनी पर बोला हमला
गूगल ने कहा कि हर घटना में, उसके एआई मॉडल को एक डमी कंपनी पर हमला करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन टेस्ट में इस्तेमाल की गई डमी कंपनी का नाम एक असली कंपनी जैसा था। जब जेमिनी को इंटरनेट का एक्सेस मिला, तो उसने उस असली कंपनी में सेंधमारी की कोशिश शुरू कर दी।
एआई मॉडल ने इंटरनेट पर उपलब्ध पासवर्ड और अनुमान के आधार पर किया लॉग इन
जेमिनी मॉडल ने टारगेट की गई कंपनी और दो अन्य कंपनियों के ऑनलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर में लाग इन करने के लिए ऐसे पासवर्ड का इस्तेमाल किया जो उन्हें ऑनलाइन मिले थे या जिनका उन्होंने अंदाजा लगाया था।
गूगल ने बताया कि लाग इन करने के बाद, जेमिनी मॉडल को एहसास हुआ कि वे असली कंपनियों के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक्सेस कर रहे हैं, न कि उन नकली माहौल को जो उनके टेस्ट का हिस्सा थे, और उन्होंने हमले रोक दिए। गूगल ने यह भी कहा कि उसकी टेक्नोलॉजी से उन कंपनियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा जिन्हें उसने हैक किया था।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
