AI पर बंटी दुनिया: अमेरिका में डर का माहौल, चीन-वियतनाम समेत अन्य देशों की क्या है राय?
गैलप और माइक्रोसॉफ्ट के 37 देशों के सर्वे के अनुसार, 92% देशों में AI के प्रति सकारात्मक सोच है, जबकि 57% लोगों ने इसका उपयोग नहीं किया है।

37 देशों के सर्वे में 92% देशों में AI के प्रति सकारात्मकता
HighLights
37 देशों के सर्वे में 92% देशों में AI के प्रति सकारात्मकता
चीन, वियतनाम में AI से दैनिक जीवन बेहतर होने की प्रबल उम्मीद
अमेरिका और पश्चिमी देशों में AI के भविष्य को लेकर अधिक चिंता
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। एआई को कई विशेषज्ञ भले ही खतरा मान रहे हों, लेकिन गैलप और माइक्रोसाफ्ट की ओर से 37 देशों में किए गए सर्वे की रिपोर्ट कुछ और ही संकेत दे रही।
जिन देशों में यह सर्वे किया गया, उनमें से 92 प्रतिशत देशों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के प्रति सकारात्मक सोच थी, जबकि औसतन 57 प्रतिशत लोगों ने इस टेक्नोलाजी का कभी इस्तेमाल नहीं किया था।
इस सर्वे में अमेरिकी एआइ यूजर्स उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें सबसे कम उम्मीद है कि टेक्नोलाजी उनकी जिंदगी को बेहतर बनाएगी। सर्वे में एआइ के बारे में जानने वाले लोगों से इसके भविष्य के असर के बारे में दो सवाल पूछे गए।
क्या उन्हें लगता है कि इससे उनके देश के लोगों को फायदा होगा या नुकसान, और क्या उन्हें उम्मीद है कि इससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बेहतर होगी या खराब।
चीन और वियतनाम में, सर्वे में शामिल 90 प्रतिशत से अधिक लोगों का मानना था कि एआइ से रोजमर्रा की जिंदगी बेहतर होगी। नाइजीरिया, इजरायल और सिंगापुर में भी दो-तिहाई से अधिक लोगों ने यही बात मानी। लेकिन अमेरिका में, सिर्फ 36 प्रतिशत लोगों ने एआइ को मददगार माना।
सर्वे में शामिल सात पश्चिमी देशों (अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड, कनाडा, न्यूजीलैंड, माल्टा और नीदरलैंड) में एआइ को लेकर सबसे अधिक चिंता दिखी, जिसमें अमेरिका सबसे ऊपर था।
गैलप अब आगे चलकर 140 देशों में एआई पर सर्वे करने की योजना बना रही है। जिन देशों में सर्वे में शामिल लोगों ने एआइ के बारे में सकारात्मक राय दी, वहां इसे तेजी से अपनाया भी गया। सिंगापुर, चीन और इजरायल में रोजाना एआई इस्तेमाल करने वालों का प्रतिशत अमेरिका के मुकाबले अधिक है।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
