वाशिंगटन, एजेंसी। वैज्ञानिकों ने एक ऐसे जीन की पहचान की है, जिसकी मदद से शराब की लत और मूड डिसऑर्डर की समस्या से निपटने की दवा ईजाद की जा सकती है। अमेरिका में ओरेगॉन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ऐसे जीन की पहचान की है, जिसकी कम सक्रियता ज्यादा शराब के सेवन के लिए प्रेरित करती है। वैज्ञानिकों ने शराब और इस जीन की सक्रियता के बीच संबंध का पता लगाया है।

ऐसे किया गया शोध
वैज्ञानिकों ने बताया कि प्रयोग के दौरान जिन चूहों को जीन एनकोडेड प्रोटीन दिया गया, उनमें शराब के सेवन की मात्रा करीब आधी रह गई। प्रोटीन को जिस जीपीआर-39 जीन से एनकोड किया गया था, इसे पहले अवसाद से निपटने में भी कारगर पाया जा चुका है। शोधकर्ताओं ने कहा कि नतीजे उत्साहजनक हैं। इससे ऐसी दवा ईजाद करने का रास्ता खुल सकता है, जो शराब की लत और अवसाद दोनों परेशानियों से निपटने में मददगार हो।

ब्रिटेन में शोधकर्ताओं ने किया था ये अध्ययन
इससे पहले अभी हाल में ही ब्रिटेन के एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने उम्र को प्रभावित करने वाले आनुवांशिक बदलाव के संयुक्त असर का अध्ययन करके एक स्कोरिंग सिस्टम तैयार किया था। इस स्कोरिंग सिस्टम के जरिए किसी व्यक्ति की आयु का अनुमान लगाया जा सकता है। शोधकर्ता पीटर जोशी ने कहा, 'यदि हम जन्म के समय या बाद में 100 लोगों को चुनते हैं और स्कोरिंग सिस्टम के आधार पर उन्हें दस समूहों में बांटते हैं तो सबसे नीचे आने वाले समूह के मुकाबले शीर्ष समूह के लोगों की जिंदगी पांच साल ज्यादा होगी।'

अपने शोध के लिए वैज्ञानिकों ने पांच लाख से अधिक लोगों के आनुवांशिक डेटा के साथ-साथ उनके माता-पिता की जीवन अवधि के रिकॉर्ड का भी अध्ययन किया था। इस शोध से उम्र को प्रभावित करने वाली बीमारियों व जैविक प्रक्रिया को लेकर भी कई जानकारियां सामने आई हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि मस्तिष्क और हृदय को प्रभावित करने वाले जीन व्यक्ति की आयु को भी प्रभावित करते हैं।
 

Posted By: Mangal Yadav

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