विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दुनिया के कम से कम 29 देशों में समलैंगिक विवाह की अनुमति, जानिए कौन कौन से हैं ये देश

By Vinay TiwariEdited By:
Published: Wed, 27 May 2020 05:32 PM (IST)

कोस्टारिका में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिल जाने के बाद अब दुनिया में कम से कम 29 देशों में समलैंगिक विवाह की अनुमति है।

दुनिया के कम से कम 29 देशों में समलैंगिक विवाह की अनुमति, जानिए कौन कौन से हैं ये देश
दुनिया के कम से कम 29 देशों में समलैंगिक विवाह की अनुमति, जानिए कौन कौन से हैं ये देश

नई दिल्ली। दुनिया के कई देशों में वहां की सरकारों ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दे दी। जिन देशों में सरकार ने मान्यता नहीं दी वहां लोग इस तरह के विवाह के लिए कोर्ट चले गए, वहां से परमीशन ले आए। कुछ देशों में अभी भी समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता नहीं है और वहां कोर्ट में केस चल रहे हैं।

कुछ दिन पहले समलैंगिक विवाह को मान्यता देने वाले देशों में एक नया नाम जुड़ गया है। इस नए देश का नाम है कोस्टारिका। डीडब्ल्यूए की रिपोर्ट के अनुसार कोस्टारिका में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिल जाने के बाद अब दुनिया में कम से कम 29 देशों में समलैंगिक विवाह की अनुमति है।

समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता 

कोस्टारिका के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, वहां पर 26 मई को समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दे दी गई है। इसी के साथ कोस्टारिका समलैंगिक विवाहों को कानूनी रूप से वैध मानने वाला दक्षिण अमेरिका का आठवां देश बन गया। इसके अलावा अमेरिका के और भी कई देश हैं जहां पर समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता है और लोग वहां ऐसा विवाह करने के बाद आराम से रह रहे हैं, कोई उन पर किसी तरह से आपत्ति करने वाला नहीं है। 

20 और देशों में भी समलैंगिक विवाह मान्य 

इसके अलावा समलैंगिक विवाहों को अर्जेंटीना, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, कोलंबिया, डेनमार्क, इक्वाडोर, फिनलैंड, आइसलैंड, आयरलैंड, लक्जमबर्ग, माल्टा, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल, स्पेन, स्वीडन और उरुग्वे में भी कानूनी मान्यता प्राप्त है। इनके आलावा मेक्सिको और इस्राएल में सीमित रूप से इन्हें मान्यता दी जाती है। दरअसल इससे पहले तक कई बार इस तरह के विवाहों को सामाजिक मान्यता नहीं दी जा रही थी मगर समय के साथ अब सोच में भी बदलाव आया है।

भारत में भी इस तरह के विवाह हो रहे हैं मगर अभी तक इनको कानूनी मान्यता दिए जाने जैसी कोई बात नहीं उठी है। समाज में अभी ऐसे रिश्तों को स्वीकार भी नहीं किया जा रहा है। राजधानी दिल्ली की सड़कों पर इस तरह के विवाहों के समर्थन में लोग मार्च निकाल चुके हैं।

इन देशों में समलैंगिक विवाह को मान्यता

अमेरिका 

अमेरिका में 2004 तक सिर्फ एक राज्य में समलैंगिक विवाह मान्य था लेकिन 2015 तक सभी 50 राज्यों में कानूनी वैधता मिल चुकी है। सभी राज्यों में समलैंगिक विवाह के लिए अलग अलग कानून हैं।

ब्रिटेन 

यूनाइटेड किंगडम के सभी हिस्सों में समलैंगिक विवाह मान्य हैं। इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स में समलैंगिक विवाह का साल 2014 में मान्यता मिली थी और नॉर्दर्न आयरलैंड में जनवरी 2020 में। इसके अलावा 14 ब्रिटिश ओवरसीज टेरिटरीज में से नौ में समलैंगिक विवाह मान्य हैं।

फ्रांस 

फ्रांस में समलैंगिक विवाह मई 2013 से कानूनी रूप से मान्य हैं। ये वैधता मेट्रोपोलिटन फ्रांस और फ्रेंच ओवरसीज टेरिटरीज में भी लागू है। फ्रांस में एक सिविल यूनियन योजना नवंबर 1999 से लागू है जिसके तहत समलैंगिक जोड़े रिश्ता कायम कर सकते हैं। 

जर्मनी 

जर्मनी में समलैंगिक विवाहों को अक्टूबर 2017 में मान्यता मिली थी। वैसे देश में समलैंगिक जोड़ों को विवाह के अधिकार सीमित रूप से 2001 से ही प्राप्त थे।

ऑस्ट्रेलिया 

ऑस्ट्रेलिया में समलैंगिक विवाह दिसंबर 2017 से वैध हैं। कानून पारित होने से पहले पूरे देश में डाक से एक सर्वेक्षण भी कराया गया था, जिसमें 61.6 प्रतिशत लोगों ने समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता देने का समर्थन किया था।

ब्राजील 

ब्राजील में समलैंगिक विवाह मई 2013 से कानूनी रूप से वैध हैं। समलैंगिक रिश्तों को मान्यता 2004 में ही मिल गई थी और विवाह के सीमित अधिकार 2011 में मिल गए थे।

कनाडा 

कनाडा के कुछ प्रांतों में समलैंगिक विवाहों को मान्यता 2003 से ही मिलनी शुरू हो गई थी और जुलाई 2005 में ये वैधता पूरे देश में लागू हो गई।

नीदरलैंड्स 

अप्रैल 2001 को नीदरलैंड्स समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता देने वाला दुनिया का सबसे पहला देश बन गया था। वहां समलैंगिक जोड़ों के लिए रजिस्टरड पार्टनरशिप जनवरी 1998 से ही उपलब्ध थी।

दक्षिण अफ्रीका 

दक्षिण अफ्रीका अफ्रीका का एकमात्र देश है जहां समलैंगिक विवाह कानूनी रूप से मान्य हैं। यहां समलैंगिक विवाहों को मान्यता नवंबर 2006 में ही मिल गई थी।

ताइवान 

ताइवान में समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता मई 2019 में मिली थी। ताइवान यह मान्यता देने वाला एशिया का एकलौता देश है हालांकि समलैंगिक जोड़ों को बच्चा गोद लेने जैसे कुछ अधिकार अभी भी नहीं मिले हैं।