ट्विन टावर से पेंटागन तक... 9/11 के 25 साल, 3000 बलिदानियों को नमन; न्यूयॉर्क में जुटे अमेरिका के शीर्ष नेता
न्यूयॉर्क के लोअर मैनहट्टन स्थित ग्राउंड जीरो पर पीड़ितों के स्वजन और देश के शीर्ष नेता जुटे। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ...और पढ़ें

ट्विन टावर से पेंटागन तक... 9/11 के 25 साल, 3000 बलिदानियों को नमन (फोटो- रॉयटर)
HighLights
चार विमान अगवा कर अलकायदा आतंकियों ने ट्विन टावर और पेंटागन पर किए थे हमले
3000 लोग मारे गए थे, फ्लाइट 93 से वाशिंगटन पर हमले की थी साजिश, विमान मैदान में गिरा था
रॉयटर, न्यूयॉर्क। अमेरिका के इतिहास के सबसे भयावह आतंकी हमले की 25वीं बरसी पर पूरा देश उन करीब 3,000 लोगों की स्मृति में भावुक हुआ, जिन्होंने 11 सितंबर, 2001 को अपनी जान गंवाई थी।
न्यूयॉर्क के लोअर मैनहट्टन स्थित ग्राउंड जीरो पर पीड़ितों के स्वजन और देश के शीर्ष नेता जुटे। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और चार पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी भी मौके पर मौजूद रहे।
25 साल पहले अलकायदा के आतंकियों ने चार यात्री विमानों का अपहरण कर अमेरिका पर सुनियोजित हमला किया था। दो विमान न्यूयार्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर से टकराए। दोनों इमारतें कुछ ही समय में ढह गईं।
तीसरे विमान, अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 77, को आतंकियों ने वर्जीनिया के अर्लिंगटन स्थित पेंटागन की इमारत से टकरा दिया। इस हमले में 184 लोग मारे गए थे।
चौथा विमान यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट 93 था। आतंकियों ने इसे भी अपने कब्जे में ले लिया था, लेकिन विमान में सवार यात्रियों को जब हमले की जानकारी हुई तो उन्होंने आतंकियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
यात्रियों के प्रतिरोध के बाद विमान पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविले के पास एक खाली मैदान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस वजह से वह अपने संभावित लक्ष्य, राजधानी वाशिंगटन, तक नहीं पहुंच सका।
राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 9/11 के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि अमेरिका आतंकवाद को फिर सिर नहीं उठाने देगा। ट्रंप ने ईरान को लेकर भी कड़ा रुख जताते हुए कहा कि अमेरिका उसे परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
