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1500 एकड़ में खेती, 10 साल पुलिस की नौकरी; किसान और शेफ से चेयरमैन बनने वाले हॉवर्ड बफे की अनोखी कहानी

Published: Fri, 25 Sep 2026 05:34 PM (IST)

वॉरन बफे के बड़े बेटे हॉवर्ड ग्राहम बफे अब बर्कशायर हैथवे के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बन गए हैं। किसान, पुलिस अधिकारी ...और पढ़ें

किसान से चेयरमैन बने हॉवर्ड बफे की अनोखी कहानी (फोटो-सोशल मीडिया)

किसान से चेयरमैन बने हॉवर्ड बफे की अनोखी कहानी (फोटो-सोशल मीडिया)

HighLights

  1. वॉरन बफे के बेटे हॉवर्ड बफे बने बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन।

  2. वे खुद को किसान मानते हैं, 1500 एकड़ में खेती करते हैं।

  3. पुलिस अधिकारी, फोटोग्राफर और परोपकारी के रूप में भी काम किया।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। दुनिया के सबसे बड़े और दिग्गज निवेशकों में शुमार वॉरन बफे के बड़े बेटे हॉवर्ड ग्राहम बफे अब बर्कशायर हैथवे के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बन गए हैं। 18 सितंबर 2026 को उन्होंने यह बड़ी जिम्मेदारी संभाली।

हालांकि, दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक के प्रमुख बनने के बावजूद, हॉवर्ड खुद को सबसे पहले एक किसान मानते हैं। जब उन्हें इस पद की जिम्मेदारी मिलने की बात पता चली, तो वह हैरान रह गए और उन्होंने सादगी से कहा, जब तक मैं खेती कर सकता हूं, मुझे इस काम से कोई दिक्कत नहीं है।

बचपन से ही खेती से लगाव

हॉवर्ड ग्राहम बफे का नाम उनके दादा हॉवर्ड बफे और वैल्यू इन्वेस्टिंग के जनक बेंजामिन ग्राहम के नाम पर रखा गया था। हॉवर्ड को बचपन से ही खेती-किसानी से बेहद लगाव था। महज 5 साल की उम्र में उन्होंने अपने घर के आंगन में ही मक्का उगाना शुरू कर दिया था।

1977 में उन्होंने नेब्रास्का के टेकामा से व्यावसायिक स्तर पर खेती की शुरुआत की। वर्तमान में वह इलिनॉय के चेना में 1,500 एकड़ जमीन पर खुद खेती करते हैं और 300 हॉर्सपावर का ट्रैक्टर खुद चलाते हैं।

पिता के साथ खेत का रोचक किस्सा

हॉवर्ड और उनके पिता वॉरन बफे के बीच खेती को लेकर एक बहुत ही दिलचस्प किस्सा मशहूर है। 1986 में वॉरन बफे ने करीब 2.5 लाख डॉलर में 500 एकड़ का एक खेत खरीदा, जिस पर हॉवर्ड खेती करते थे।

हालांकि, उन्हें यह खेत मुफ्त में नहीं मिला था। हॉवर्ड को इसके लिए अपने पिता को अपनी कुल आमदनी का 22 प्रतिशत से 26 प्रतिशत तक किराया देना पड़ता था।

किराये की यह दर हॉवर्ड के वजन के हिसाब से तय होती थी, यदि उनका वजन 83 किलोग्राम से अधिक होता तो उन्हें 26 प्रतिशत किराया देना पड़ता था, और वजन कम रहने पर 22 प्रतिशत किराया लगता था।

पुलिस अफसर से लेकर फोटोग्राफर तक

हॉवर्ड केवल एक किसान और उद्योगपति ही नहीं हैं, बल्कि उनका जीवन विविधताओं से भरा रहा है। चेयरमैन बनने से पहले उन्होंने करीब एक दशक पुलिस सेवा में बिताया। सितंबर 2017 से नवंबर 2018 तक वह इलिनॉय की मेकन काउंटी के शेरिफ भी रहे।

इसके साथ ही वह एक पेशेवर फोटोग्राफर हैं और बायइमेजेस नाम से फोटो पब्लिशिंग कंपनी भी चलाते हैं। उन्होंने 150 से अधिक देशों में युद्ध, गरीबी और वन्यजीवों की तस्वीरें खींची हैं, जिनमें यूक्रेन की फ्रंट लाइन भी शामिल है।

1999 में उन्होंने हॉवर्ड जी. बफे फाउंडेशन की शुरुआत की, जो भुखमरी, पेयजल संकट, मानव तस्करी और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में काम करता है। मैक्सिको, कोलंबिया और रवांडा जैसे देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है।

इसके अलावा वह एक दर्जन से अधिक पुस्तकें लिख चुके हैं। 2013 में अपने बेटे के साथ लिखी गई उनकी किताब 40 चांसेज: फाइंडिंग होप इन ए हंगरी वर्ल्ड न्यू यॉर्क टाइम्स की बेस्ट सेलर रही थी।

नहीं लेंगे निवेश के फैसले

1993 से बर्कशायर हैथवे के बोर्ड मेंबर रहे हॉवर्ड 33 सालों के अनुभव के बाद अब कंपनी के चेयरमैन बने हैं। हालांकि, उनका काम शेयर चुनना या निवेश के फैसले लेना नहीं होगा।

हॉवर्ड खुद 2011 में कह चुके हैं, किसी भी हाल में मुझे निवेश के फैसले नहीं चुनने चाहिए। वह कंपनी की संस्कृति और मूल्यों को बनाए रखने का काम करेंगे।