FBI ने माना- भर्ती पोर्टल पर हुआ था साइबर अटैक; कई एजेंट्स का डेटा लीक होने की आशंका
एफबीआई ने अपनी रिक्रूटमेंट पोर्टल पर साइबर हमले की पुष्टि की है। इस सेंधमारी से कर्मचारियों का संवेदनशील डेटा लीक होने की आशंका जताई जा रही है।
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FBI के भर्ती पोर्टल पर साइबर हमला।
HighLights
एफबीआई के भर्ती पोर्टल पर बड़े साइबर हमले की पुष्टि।
कुख्यात हैकर समूह 'शाइनीहंटर्स' ने हमले का दावा किया।
कर्मचारियों और आवेदकों का संवेदनशील डेटा लीक होने का डर।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। दुनिया की सबसे ताकतवर जांच एजेंसी मानी जाने वाली अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) एक बड़े साइबर सुरक्षा संकट में घिर गई है।
एफबीआई के आधिकारिक भर्ती पोर्टल पर एक बड़े साइबर हमले की पुष्टि हुई है, जिससे ब्यूरो के कर्मचारियों और नौकरी के लिए आवेदन करने वालों का संवेदनशील डेटा खतरे में पड़ गया है। इस सनसनीखेज दावे के पीछे कुख्यात साइबर अपराधी गिरोह 'शाइनीहंटर्स' का हाथ बताया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुख्यात हैकर ग्रुप 'शाइनीहंटर्स' ने दावा किया है कि उसने एफबीआई के रिक्रूटमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर में सेंध लगाकर वहां मौजूद संवेदनशील पर्सनल डेटा चुरा लिया है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एफबीआई ने खुद एक 'साइबर सिक्योरिटी इंसिडेंट' की पुष्टि की है और कहा है कि वह इस संभावित डेटा लीक की गहराई से जांच कर रही है।
जांच में जुटी FBI
एफबीआई इस बात का पता लगाने में जुटी है कि क्या यह सेंधमारी सीधे तौर पर उनके अपने मुख्य सिस्टम में हुई है या फिर इस पोर्टल से जुड़े किसी थर्ड-पाटी (बाहरी) सर्विस प्रोवाइडर के जरिए डेटा चोरी हुआ है। हालांकि, एजेंसी ने अभी तक सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि वास्तव में कितनी मात्रा में और किस स्तर का डेटा लीक हुआ है।
लीक डेटा में क्या-क्या शामिल हो सकता है?
जांच एजेंसियों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकर समूह द्वारा जो सैम्पल (नमूने) साझा किए गए हैं, वे काफी हद तक असली कर्मचारियों के डेटा से मेल खाते दिखते हैं। हालांकि, इस पूरे डेटासेट की प्रमाणिकता की अभी पूरी तरह से पुष्टि होना बाकी है।
दूसरी ओर रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस कथित लीक में कई जानकारियां शामिल हो सकती हैं। जैसे कि कर्मचारियों और आवेदकों के नाम, घर के पते, फोन नंबर और ईमेल आईडी, उनके पद और अन्य व्यक्तिगत विवरण।
इन बातों का भी दावा
द रजिस्टर की रिपोर्ट के अनुसार, हैकर्स की तरफ से दिए गए सैम्पल्स में कुछ बेहद संवेदनशील जानकारियां जैसे सोशल सिक्योरिटी नंबर और इमरजेंसी-कॉन्टैक्ट की डिटेल भी शामिल होने का दावा किया गया है।
फिलहाल, एफबीआई इस मामले में अपने तकनीकी विशेषज्ञों और थर्ड-पार्टी सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर यह समझने की कोशिश कर रही है कि यह सेंधमारी कहां से और कैसे हुई, ताकि भविष्य में इस तरह की सुरक्षा चूकों से बचा जा सके।
