वाशिंगटन, एएफपी : फेसबुक यूजरों के डाटा चोरी मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी फेसबुक ने 200 एप को निलंबित कर दिया है। फेसबुक का यह कदम डाटा के गलत इस्तेमाल से संबंधित जांच का हिस्सा है। कैंब्रिज एनालिटिका (सीए) द्वारा 8.7 करोड़ फेसबुक यूजरों का डाटा चुराने के बाद यह जांच शुरू हुई। ऐसी आशंका है ब्रिटेन स्थित कंपनी ने इनका इस्तेमाल 2016 के अमेरिकी चुनाव में दखल देने के लिए किया था।

तेज चल रही जांच-फेसबुक प्रोडक्ट पार्टनरशिप के उपाध्यक्ष इमे आर्किबांग ने कहा, जांच बहुत तेजी से चल रही है। हजार से ज्यादा एप की छानबीन के बाद 200 को निलंबित किया गया है। डाटा के गलत इस्तेमाल का दोषी पाए जाने पर इन्हें प्रतिबंधित किया जाएगा। यूजर को प्रतिबंधित एप के बारे सूचित कर दिया जाएगा।

पाॅलिसि का हुआ उल्लंघन -14 में एक कानून बनाकर फेसबुक ने यूजरों के डाटा एक्सिस को सीमित कर दिया था। बावजूद इसके कुछ ने पॉलिसी का उल्लंघन किया। इससे यूजर की निजता सुरक्षित रखने में फेसबुक की नाकामी उजागर हो गई। कैंब्रिज एनालिटिका का मामला सामने आने से फेसबुक कठघरे में खड़ा हो गया है। दोबारा भरोसा जीतने के लिए सोशल साइट को उन सभी एप की समीक्षा करनी होगी जिनके पास भारी मात्रा में यूजरों के डाटा का एक्सिस है।

30 लाख यूजरों का डाटा इकट्ठा करने वाला एप भी निलंबित-सैन फ्रांसिस्को, आइएएनएस : फेसबुक ने जिन 200 एप को निलंबित किया है उसमें पर्सनैलिटी क्विज एप 'माय पर्सनैलिटी' भी है। एक रिपोर्ट के अनुसार इस एप ने तीस लाख लोगों का डाटा इकट्ठा किया था। करीब चार साल तक ये डाटा मुफ्त में डाउनलोड किए जाने के लिए उपलब्ध था। यूजरों से जुड़ी इन अतिसंवेदनशील जानकारियों को यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के शोधकर्ताओं ने जमा किया था। लेकिन जानकारी के साथ यूजरों की पहचान उजागर न हो इसके लिए कोई सावधानी नहीं बरती गई। बताया जा रहा है कि 2013 में कैंब्रिज एनालिटिका ने इस एप से डाटा हासिल करने की कोशिश की थी। लेकिन सीए की राजनीतिक मंशा को देखते हुए एप के प्रबंधकों ने ऑफर अस्वीकार कर दिया। फेसबुक ने पिछले माह ही इसे निलंबित किया था। उसका कहना है कि शायद इस एप ने उनकी पॉलिसी का उल्लंघन किया है।

जुकरबर्ग का भी डाटा हुआ चोरी-यूजरों के डाटा को सुरक्षित रखने में नाकाम रहने पर सफाई देने के लिए फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग अप्रैल में अमेरिकी संसद में पेश हुए थे। सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए जुकरबर्ग ने एक बहुत ही चौकाने वाली जानकारी दी। उनका कहना था कि जिन 8.7 एकरोड़ यूजरों का डाटा कैंब्रिज एनालिटिका से गलत तरीके से साझा किया गया है उनमें वह भी शामिल हैं।

Posted By: Jagran News Network