नई दिल्ली [स्‍पेशल डेस्‍क]। फेसबुक डाटा चोरी मामले के उजागर होने के बाद इसके संस्‍थापक और सीईओ मार्क जुकरबर्ग की परेशानी लगातार बढ़ती ही जा रही है। चुनावों को प्रभावित करने के लिए फेसबुक के डाटा के इस्‍तेमाल की आशंका से कई देश चिंतित हैं। जुकरबर्ग खुद अब इसको लेकर बैकफुट पर हैं। उन्‍होंने अपनी गलती को पहले ही स्‍वीकार कर लिया है। इसको लेकर केपिटल हिल में उनसे लंबी पूछताछ भी हुई है। यह पूछताछ पिछले दिनों करीब दस घंटों तक चली। इसमें जांचकर्ताओं जानना चाहते थे कि आखिर डाटा चोरी होने से पहले और बाद में फेसबुक ने इसको रोकने के लिए क्‍या उपाय किए। लेकिन इस पूछताछ में जो कुछ निकलकर सामने आया वो बेहद दिलचस्‍प था।

पूछताछ में सामने आई जानकारी

इस पूछताछ में जांचकर्ताओं के सामने आया कि कंपनी के सीईओ अपनी सिक्‍योरिटी पर बहुत ध्‍यान देते हैं। वर्ष 2017 में उन्‍होंने अपनी निजी सुरक्षा पर करीब 7.3 मिलियन डॉलर खर्च किया। इसके अलावा इसी दौरान करीब 1.5 मिलियन डॉलर उन्‍होंने अपने प्राइवेट प्‍लेन पर खर्च किया, जो उनके निजी काम के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये राशि वर्ष 2016 में खर्च की गई राशि से करीब 54 फीसद अधिक थी। वर्ष 2016 में जहां उन्‍होंने दोनों मदों पर करीब 5.8 मिलियन डॉलर खर्च किया था वहीं वर्ष 2017 में उन्‍होंने इस पर करीब 8.8 मिलियन डॉलर खर्च किया था।

इस तरह से खर्च करने वाले कई अन्‍य भी

अपनी सिक्‍योरिटी को लेककर सिर्फ फेसबुक के सीईओ ही चिंतित नहीं रहते आए हैं बल्कि कई हाई प्रोफाइल सीईओ इस पर एक मोटी रकम खर्च करते आए हैं। इसमें एप्‍पल के सीईओ टिक कुक का नाम भी शामिल है जिन्‍होंने अपनी सिक्‍योरिटी और निजी विमान पर वर्ष 2016 में करीब 317,325 डॉलर का खर्च किया। इसके अलावा अमेजन के सीईओ ने इन दोनों क्षेत्रों में इसी समय के दौरान करीब उन्‍होंने अपने 1.6 मिलियन डॉलर का खर्च किया।

फेसबुक प्रवक्‍ता का टिप्‍पणी से इंकार

हालांकि फेसबुक के सीईओ पर खर्च को लेकर कंपनी के प्रवक्‍ता ने किसी तरह की टिप्‍पणी करने से इंकार कर दिया है। फेसबुक के बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर जुकरबर्ग पर हुए खर्च को पूरी तरह से सही मानते हैं। बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स का मानना है कि एक हाईप्रोफाइल सीईओ होने के नाते और फेसबुक का संस्‍थापक होने के चलते यह खर्च सही है। इसके अलावा वह मानते हैं कि एक करोड़पति सीईओ होने के बाद वह महज एक डॉलर सैलेरी लेते हैं। इसके अलावा उन्‍हें कोई बोनस या दूसरे भत्‍ते नहीं दिए जाते हैं। उनके इस खर्च पर कंटेट एंड कम्‍यूनिकेशन के डायरेक्‍टर फॉर्चुन डेन मार्सेस मानते हैं कि उन्‍होंने बीते पांच वर्षों के दौरान सामने आए खर्च के आंकड़े में यह खर्च सबसे अधिक है।

हर राज्‍य में घूमे जुकरबर्ग

आपको बता दें कि इसी वर्ष जुकरबर्ग ने कई चैलेंज को स्‍वीकारा जिसमें में‍ड्रिन सीखना, रन माईल ईच डे और अमेरिका के हर राज्‍य में जाकर वहां के लोगों से बात कर जानकारी हासिल करना और उनसे जुड़ना था। खुद जुकरबर्ग का कहना था कि अमेरिका के हर राज्‍य में जाकर लोगों से बात कर उन्‍हें कंपनी को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिली। लेकिन उन पर हुए खर्च को लेकर कई लोगों का मानना है कि कंपनी को इसके प्रति ज्‍यादा पारदर्शी होना चाहिए।

कंपनी ने दिया विवरण

आपको बता दें कि कंपनी ने यूएस सिक्‍योरिटी एक्‍सचेंज कमिशन द्वारा पूछे जाने पर वर्ष 2013, 2014 और फिर 2015 में जुकरबर्ग पर हुए खर्च का खुलासा किया था। हालांकि इसके बाद भी कंपनी के प्रवक्‍ता ने इसके अतिरिक्‍त किसी सवाल का जवाब देने से इंकार कर दिया। आपको यहां पर बता दें कि मौजूदा समय में मार्क जुकरबर्ग अमेरिका के सबसे अमीर सीईओ में से एक हैं। यूसीएलए सकूल ऑफ लॉ के पूर्व प्रमुख जिम बैरल का कहना है कि जुकरबर्ग कंपनी का चेहरा है और इस लिहाज से उन्‍हें खतरा होना कोई बड़ी बात नहीं है। उनका यह भी कहना था कि यदि वह बोर्ड में शामिल होते तो वह उन्‍हें सातों दिन और 24 घंटे सुरक्षा जरूर देते।

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By Kamal Verma