न्यूयॉर्क, एएनआइ। दुनियाभर में करीब 11.5 करोड़ लड़कों की शादी वैधानिक तौर पर मान्य उम्र से कम में हुई है। बाल विवाह के शिकार इन लड़कों में हर पांचवें लड़के की उम्र 15 साल से कम उम्र में हो गई। यानी करीब 2.3 करोड़ लड़कों की शादी 15 साल से कम उम्र में कर दी गई। यूनिसेफ की ओर से बाल विवाह का शिकार हुए लड़कों पर किए गए विशेष अध्ययन में यह बात सामने आई है।

82 देशों से जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर इस अध्ययन को अंजाम दिया गया है। इसमें पाया गया कि कम उम्र में लड़कों की शादी कराने का प्रचलन उप-सहारा अफ्रीकी, लैटिन अमेरिकी, कैरेबियाई, दक्षिण एशियाई, पूर्वी एशियाई व प्रशांत देशों तक है। यूनिसेफ की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हेनरीटा फोर ने कहा, 'शादी बचपना चुरा लेती है। दूल्हा बनने के बाद बच्चों को वो जिम्मेदारियां उठानी पड़ती हैं, जिनके लिए वह तैयार नहीं होते।

जल्दी शादी होने से जल्दी बच्चे होते हैं और परिवार के भरण-पोषण की अतिरिक्त जिम्मेदारी उन पर आ जाती है। इससे शिक्षा और रोजगार के अवसर भी कम हो जाते हैं।' आंकड़ों के मुताबिक, मध्य अफ्रीकी गणराज्य में सर्वाधिक 28 फीसद लड़के बाल विवाह का शिकार हुए। निकारागुआ में 19 फीसद और मेडागास्कर में 13 फीसद लड़कों का बाल विवाह हुआ।

नए अनुमानों के अनुसार, बाल विवाह का शिकार हुए कुल लड़के-लड़कियों की संख्या 76.5 करोड़ हो गई है। वर्तमान समय में 20 से 24 साल की महिलाओं में से हर पांचवीं लड़की की शादी 18 साल से कम उम्र में हो चुकी है। लड़कों के मामलें में यह आंकड़ा 30 में से एक है। 

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Posted By: Nitin Arora