ह्यूस्टन, प्रेट्र। कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए लगाई गई तमाम पाबंदियों के चलते अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय भी फंस गए हैं। ऐसे लोगों की मदद के लिए ह्यूस्टन स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास आगे आया है। अप्रत्याशित संकट की घड़ी में दूतावास भारतीयों को सहयोग और दिशा-निर्देश दे रहा है।

महामारी के चलते भारत और विश्व के कई देशों के लिए होने वाली उड़ानें अचानक रद होने से हजारों की संख्या में भारतीय छात्र, कारोबारी और पर्यटक अमेरिका के कई राज्यों में फंसे हैं। ह्यूस्टन स्थित यह दूतावास अरकंसास, कोलोराडो, कंसास, लुसियाना, न्यू मैक्सिको, नेब्रास्का, ओक्लाहोमा और टेक्सास राज्य से जुड़े राजनयिक मामले देखता है।

महावाणिज्य दूत असीम महाजन ने कहा, 'अप्रत्याशित आपातकालीन हालात के मद्देनजर यह दूतावास गत 14 मार्च से निरंतर पूरी सक्रियता के साथ जानकारियां और सहयोग मुहैया करा रहा है। हालांकि 14 अप्रैल तक कोई भी उड़ान भारत के लिए रवाना नहीं होने वाली है और हालात के आधार पर स्थितियां बदल सकती हैं।' उन्होंने बताया कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को आशियाने और चिकित्सा जरूरतों को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनके चिंतित अभिभावक मदद को लेकर दूतावास से लगातार संपर्क कर रहे हैं।

बता दें कि दुनिया में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका है। यहां 20 लाख से ज्यादा लोगों का कोरोना वायरस टेस्ट किया गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस बात की जानकारी दी है। देश में वोविड-19 महामारी का वजह से अबतक 16 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में चार लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हें, जबकि 16 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इनमें से 25 हजार लोगों के ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 15 लाख के पार पहुंच गई है। जबकि अब तक कुल 95 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, दुनिया भर में वायरस से संक्रमित तीन लाख पचास हजार लोग ठीक हो चुके हैं।

Posted By: Nitin Arora

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