यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
10 बच्चों के पिता मस्क क्यों दे रहे ज्यादा बच्चे पैदा करने पर जोर? प्रजनन अनुसंधान के लिए दिया 83 करोड़ का दान
Elon Musk टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने एक बार फिर अधिक बच्चे पैदा करने की अपनी बात को दोहराया ...और पढ़ें

HighLights
- मस्क ने प्रजनन और जनसंख्या अनुसंधान परियोजना के लिए 83 करोड़ रुपये दान किए।
- अधिक बच्चे पैदा करने की पैरवी करते हैं मस्क।
- मस्क ने खुद 10 बच्चों को दिया है जन्म।
सैन फ्रांसिस्को, आईएएनएस। Elon Musk दुनिया को अधिक बच्चे पैदा करने की जरूरत है, नहीं तो पूरी मानवता समाप्त हो सकती है। यह कहना है, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क का। मस्क इस तरह की अपील लोगों से कई दफा कर चुके हैं।
इस बीच मस्क ने इसके लिए एक बड़ा कदम भी उठा लिया है।
रिसर्च के लिए दिए 83 करोड़ 9 लाख रूपये
एलन मस्क ने कथित तौर पर अमेरिका के टेक्सास में प्रजनन और जनसंख्या अनुसंधान परियोजना के लिए करीब 83 करोड़ 9 लाख रूपये (10 मिलियन डॉलर) का दान दिया है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, 52 वर्षीय अरबपति ने अपने मस्क फाउंडेशन के माध्यम से ऑस्टिन में टेक्सास विश्वविद्यालय में एक परियोजना, पॉपुलेशन वेलबीइंग इनिशिएटिव (पीडब्ल्यूआई) को पैसा दिया। एक्स मालिक ने हाल ही में दो दिवसीय पीडब्लूआई सम्मेलन को वित्त पोषित किया।
संयुक्त कार्यक्रम के तहत होगा अध्ययन
ऑस्टिन जनसंख्या अनुसंधान केंद्र में टेक्सास विश्वविद्यालय और उसके अर्थशास्त्र विभाग के बीच एक संयुक्त कार्यक्रम के तहत यह अध्ययन कार्य चलेगा। पीडब्ल्यूआई वेबसाइट इसे "शोधकर्ताओं का एक नेटवर्क" के रूप में वर्णित करती है जो अर्थशास्त्र, जनसांख्यिकी और सामाजिक कल्याण मूल्यांकन में मूलभूत कार्य करते हैं।
मस्क ने खुद 10 बच्चों को दिया जन्म
मस्क ने तीन महिलाओं साथियों के साथ 10 बच्चों को जन्म दिया है, जिनमें पॉप स्टार ग्रिम्स और उनकी ब्रेन-इम्प्लांट फर्म न्यूरालिंक के एक शीर्ष कार्यकारी भी शामिल हैं। मस्क का मानना है कि धन का सीधा संबंध आईक्यू से है और उन्होंने "अपने जानने वाले सभी अमीर लोगों" से यथासंभव अधिक से अधिक बच्चे पैदा करने का आग्रह किया है।
मस्क ने एक बार ट्वीट भी किया था, "कम जनसंख्या संकट में मदद करने की पूरी कोशिश कर रहा हूं।" "गिरती जन्म दर मानवता के सामने अब तक का सबसे बड़ा खतरा है।"
