डरावनी और खूबसूरत… पहली बार बेहद बारीकी से कैमरे में कैद हुई बैरलआई मछली; क्यों है ये इतनी खास?
वैज्ञानिकों ने गहरे समुद्र में पाई जाने वाली बैरलआई मछली को पहली बार 4K में फिल्माया है, जिसका सिर पारदर्शी ...और पढ़ें

बैरलआई फिश की तस्वीर(सोशल मीडिया)
HighLights
बैरलआई मछली का सिर पारदर्शी और अनोखा होता है।
यह गहरे समुद्र में 2000-2600 फीट पर मिलती है।
वैज्ञानिकों ने इसे पहली बार 4K में फिल्माया है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पानी के नीचे की दुनिया बहुत ही हैरान करने वाली होती है। समय-समय पर इंसानों के सामने जब रहस्य खुलते हैं तो हैरानी होती है। ऐसा ही हुआ है जब वैज्ञानिकों ने एक ऐसी मछली को देखा जो देखने में बहुत डरावनी लगती है। मछली का नाम बैरलआई बताया जा रहा है।
इस अनोखे और सूबसूरत सी दिखने वाली मछली के सिर का हिस्सा हैरान करने वाला है। इसकी हैरानी की वजह है इसका पारदर्शी होना। गहरे समुद्र में पाई जाने वाली ये बैरलआई मछली दिखने में जितनी ही अलग है उतना ही करीब से देखने में डरावनी लगती हैं। आमतौर पर छह इंच की ये मछली बहुत ही कम दिखाई देती है।
काफी गहरे पानी में मिलती है बैरलआई फिश
बैरलआई मछली अक्सर गहरे समुद्र में पाई जाती है। आमतौर पर ये 2000 से 2600 फीट की गहराई में देखी जाती हैं। अपनी बनावट की खूबी के लिए जाने जानी वाली मछली समुद्र के 'ट्वाइलाइट' और 'मिडनाइट' जोन में ही देखी जाती है। समुद्र के इस हिस्से में सूरज की रोशनी बेहद कम या लगभग ना के बराबर ही होती है।
दुलर्भ और अनोखे सिर की वजह से लोगों को आ रही पसंद
इस मछली अपने अनोखे सिर की वजह से लोगों को ये काफी पसंद आती है। वैज्ञानिकों ने इसे देखना एक दुर्लभ अनुभव बताया। आम तौर पर गहरे समुद्र के जीव लोगों की कल्पना को जगाते हैं और उनमें आश्चर्य पैदा करते हैं। इससे उनकी देखभाल और संरक्षण के लिए भी प्रेरणा मिलती है।
क्या है इस मछली की खासियत
इस मछली को अनोखे सिर के साथ कुदरत ने इस बड़े पंख दिए हैं जिसकी मदद से ये आसानी से मुड़ सकती है और स्थिर भी रह सकती है। इसकी वजह से ये शिकार पर आसानी से झपट्टा मार कर खा जाती है। इसके बड़े पंख इसे आसानी से एक ही जगह तैरने में मदद करते हैं। उसकी नजर ऊपर पानी की तरफ ही टिकी होती है। शिकार की परछाई दिखते ही ये काम तमाम कर देती हैं। इस दौरान ये अपने आंखों का हैरान करने वाले तरीके से इस्तेमाल भी करती हैं।
वैज्ञानिकों में जगी जिज्ञासा
वैज्ञानिक इस बात का भी पता लगा रहे हैं कि आखिर इस तरह के जीव कैसे खुद को इस तरह के माहौल में ढालते हैं और जीवित रहते हैं। समुद्र के बारे में विशेष जानकारी रखने वाली संस्था एमबीएआरआई (MBARI) ने बताया कि ये मछली बहुत ही कम देखी जाती है। अभी तक कुल इसे 11 बार ही देखा जा सका है, लेकिन इस बार इसे 4K से फिल्माने में सफलता मिली है। वैज्ञानिक इसके बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं ताकि इसके बारे में और अध्ययन किया जा सके।
