वाशिंगटन, एएफपी। एक ओर जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए साप्ताहिक रैलियों के साथ घूम-घूम कर भी चुनाव प्रचार किया जा रहा है लेकिन जो बिडेन की कैंपेनिंग में इन दोनों तरीकों को दरकिनार किया गया है। कोविड-19 के मद्देनजर इन दिनों चुनावी रैलियां काफी मुश्किल हो गई हैं। पेनसिल्वानिया के ग्रामीण काउंटी में डेमोक्रेट अपने मुख्य निर्वाचन इलाकों को जीतने के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन कोविड-19 के कारण राह आसान नहीं दिख रहा। ट्रंप के वॉलंटियर बगैर फेस मास्क चुनाव प्रचार कर रहे हैं जबकि डेमोक्रेट्स का कहना है कि वे अपने वॉलंटियर्स की जिंदगी खतरे में नहीं डाल सकते।

डेमोक्रेट्स ने महामारी के कारण डोर-टू-डोर कैंपेन को कठिन बताया है जबकि रिपब्लिकन ट्रंप के लिए डोर-टू-डोर के अलावा जगह-जगह रैलियां भी निकाल रहे हैं। डेमोक्रेट्स की ओर से अपने राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बिडन के लिए कैंपेनिंग के तहत पैंपलेट को जरिया बनाया गया है हालांकि वे मानते हैं कि इस तरह वोटर्स को आकर्षित करना मुश्किल है। टीवी के जरिए प्रचार पर अधिक खर्च करने वाले ट्रंप पर सवाल भी उठाया जा रहा है।

अगस्त में दोनों पार्टियों रिपब्लिकन व डेमोक्रेट के नेशनल  कन्वेशन्स के बाद कुछ सर्वे कराए गए। इसके अनुसार, उन राज्यों में ट्रंप का स्थान बेहतर है जहां महामारी कोविड-19 के कारण उनके समर्थकों की संख्या कम हुई थी। वहीं महामारी से प्रभावित होने वाले राज्यों में ट्रंप को लेकर नाराजगी है और इसे बिडेन अपने पक्ष में लेने की जुगत में हैं। अमेरिका में इस साल 3 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए दोनों पार्टियां प्रचार में जुट गई हैं और अब माहौल अधिक तनावपूर्ण नजर आ रहा है।

कुछ दिनों पहले ही एक चुनाव रैली के दौरान ट्रंप ने मेल-इन वोटिंग को लेकर हैरानी भरा सुझाव दिया। राष्ट्रपति ने कहा, 'नॉर्थ कैरोलिना के लोगों को दो बार वोटिंग करनी चाहिए, ताकि चुनावी प्रणाली की जांच हो सके। बता दें कि इस बार यहां मेल-इन वोटिंग भी होगी। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से इसपर लगातार विरोध जताया जा रहा है।

जीतेगा भारत हारेगा कोरोन

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