वाशिंगटन [द न्यूयॉर्क टाइम्स]। अमेरिका में गहराते कोरोना संकट को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी ही रिपब्लिकन पार्टी में घिरते जा रहे हैं। ट्रंप की कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में नाकामी और जनस्वास्थ्य के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश को बढ़ावा देने से उनके इन्कार पर कई वरिष्ठ रिपब्लिकन नेताओं ने निराशा जताई है। इनमें अब यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या ट्रंप इस महामारी से निपटने के लिए कभी सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।

हालांकि कई नेताओं का कहना कि उन्हें कोरोना से निपटने के लिए ट्रंप के साथ मिलकर काम करना चाहिए। जबकि कुछ ट्रंप की घोषणाओं को नजरअंदाज या विरोध करने की बात भी कह रहे हैं। दुनिया में अमेरिका कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा जूझ रहा है। ट्रंप ने शुरुआती दौर में इस खतरनाक वायरस के संक्रमण को महत्व नहीं दिया और इसे सामान्य फ्लू तक करार दिया था।

राष्‍ट्रपति ट्रंप कोरोना से निपटने में अपने तौर-तरीके को लेकर पहले से ही विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के निशाने पर हैं। अब उनकी पार्टी के नेताओं ने भी विरोध करना शुरू कर दिया है। ट्रंप के इन्कार के बाद कई रिपब्लिकन गवर्नर अपने प्रांतों में मास्क पहनना अनिवार्य कर रहे हैं। कई अमेरिकी प्रांतों की ओर से मास्क को अनिवार्य किए जाने की मांग उठने पर ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि वह यह आदेश नहीं देंगे।

टेक्सास के रिपब्लिकन गवर्नर ग्रेग एबॉट के सलाहकार डेविड कार्नी ने कहा, 'लगता है कि राष्ट्रपति उब गए हैं।' जबकि संसद के ऊपरी सदन सीनेट के कई रिपब्लिकन सदस्यों ने ट्रंप प्रशासन पर यह दबाव बनाने का भी प्रयास किया कि डॉ. एंटोनी फासी और डॉ. डेबोरा बिर्स जैसे अमेरिकी चिकित्सा विशेषज्ञों को कोरोना से जंग में आगे किया जाना चाहिए। फासी भी मास्क को अनिवार्य किए जाने पर जोर दे चुके हैं। 

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