वाशिंगटन, पीटीआइ। ट्रम्प प्रशासन के तहत पहला अमेरिका-रूस शिखर सम्मेलन अगले महीने होने जा रहा है। अमेरिका और रूस के बीच के रिश्‍तों की खटास किसी से छुपी नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि डोनाल्‍ड ट्रंप कैसे व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए तैयार हो गए? इस सवाल का जवाब शुक्रवार को व्‍हाइट हाउस ने दिया। व्हाइट हाउस का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ शिखर वार्ता यह निर्धारित करने के लिए कर रहे हैं कि क्या मॉस्को द्विपक्षीय संबंध में प्रगति करने का इच्छुक है या नहीं?

ट्रम्प और पुतिन 16 जुलाई को फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने और राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों की एक श्रृंखला पर चर्चा करने के लिए मिलेंगे, व्हाइट हाउस और क्रेमलिन ने गुरुवार को ये घोषणा की थी। राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन के बीच एक बैठक के बाद इस बैठक की घोषण की गई है, जो इस सप्ताह मास्को में शिखर सम्मेलन के लिए आधारभूत कार्य करने के लिए गए थे।

रूस के साथ अगामी बैठक पर टिप्‍पणी करते हुए ट्रम्‍प ने कहा, 'हम इसके लिए तत्पर हैं। अगर हम सभी के साथ मिलकर चलते हैं, तो यह बहुत अच्छा होगा। दुनिया को साथ मिलकर चलना शुरू करना है।'

अमेरिकी राष्‍ट्रपति की प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि ट्रम्प, पुतिन से मिल रहे हैं क्योंकि उनका मानना है यह राष्ट्रीय हित में है। व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सचिव लिंडसे वाल्टर्स ने एयरफोर्स वन पर संवाददाताओं से कहा, 'राष्ट्रपति यह निर्धारित करने के लिए अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में इस बैठक में शामिल होने जा रहे हैं कि रूस हमारे संबंधों में प्रगति करने का इच्छुक है या नहीं?' उन्‍होंने कहा कि ट्रम्प ने आशा व्यक्त की है कि बैठक तनाव को कम करने में मदद कर सकती है और रचनात्मक संबंधों की ओर ले जा सकती है जो दुनिया भर में शांति और सुरक्षा में सुधार लाएगी।

16 जुलाई को हेलसिंकी में होने वाली बैठक ट्रम्प प्रशासन के तहत पहला यूएस-रूस शिखर सम्मेलन होगा। बता दें कि अपने राष्ट्रपति चुनाव अभियान की शुरुआत से ही ट्रम्प जोर देकर कह रहे हैं कि वह रूस के साथ बेहतर संबंध बनाना चाहते हैं और यह अमेरिका और दुनिया के लिए अच्छा है।

हालांकि, ट्रम्‍प को विपक्षी डेमोक्रेट और थिंक टैंक कम्‍युनिटी से इस मुद्दे पर आलोचना का सामना भी करना पड़ रहा है। दरअसल, वे मानते हैं कि पुतिन के अधीन रूस ने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप किया था। लेकिन मॉस्को इन आरोपों का खंडन करता रहा है।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 16 जुलाई को फिनलैंड के हेलसिंकी में पहली बैठक करेंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि वे 16 जुलाई को फिनलैंड के हेलसिंकी में मिलेंगे। दोनों नेता अमेरिका और रूस के बीच संबंधों के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इससे पहले ट्रंप ने पुतिन को मार्च में दोबारा निर्वाचित होने पर बधाई दी थी, जिसके बाद पुतिन और ट्रंप ने बैठक करने पर चर्चा की थी।

पुतिन के सलाहकार यूरी यूशाकोव ने मॉस्को में कहा था कि दोनों नेता किसी तीसरे देश में मुलाकात करेंगे और उसके बाद ही सम्मेलन के स्थान तथा तिथि की घोषणा की गई। यूशाकोव ने कहा कि इस सम्मेलन में राष्ट्रपतियों के बीच सीधी बातचीत होगी तथा इसकी समाप्ति संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के साथ होगी। दोनों नेता एक संयुक्त बयान भी जारी कर सकते हैं। पुतिन के सलाहकार की ओर से बैठक की घोषणा से घंटों पहले पुतिन ने अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन से मॉस्को में मुलाकात की थी। रूसी मीडिया के अनुसार पुतिन और बोल्टन ने विश्व में रणनीतिक स्थिरता, परमाणु हथियारों पर नियंत्रण तथा निरस्त्रीकरण डोजियर पर विचार विमर्श किया। इसके अलावा दोनों ने सीरिया और यूक्रेन में हिंसा तथा उत्तर कोरिया, ईरान परमाणु समझौते पर भी चर्चा की।

Posted By: Tilak Raj

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