न्यूयॉर्क, रायटर। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के छूट के हक के तर्क को खारिज करते हुए संघीय अदालत ने उन्हें पिछले आठ सालों के टैक्स रिकॉर्ड जांचकर्ताओं को सौंपने का आदेश दिया है। कारोबारी के तौर पर ट्रंप के कर भुगतान की जांच चल रही है।

2016 में राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने आश्वासन दिया था कि वह कर भुगतान संबंधी दस्तावेज पेश करेंगे और हर तरह की जांच में सहयोग करेंगे, लेकिन अब उन्होंने राष्ट्रपति के तौर पर उन्हें आपराधिक मामलों की जांच में छूट होने का हवाला दिया है। लेकिन मैनहट्टन के डिस्टि्रक्ट जज विक्टर मारिरो की कोर्ट ने ट्रंप के जांच में छूट के तर्क को खारिज कर दिया है।

राष्ट्रपति कानून से ऊपर नहीं

कोर्ट ने कहा है कि राष्ट्रपति कानून से ऊपर नहीं हैं। ट्रंप राष्ट्रपति को मिली जांच में छूट के प्रावधान का इस तरह के मामले में फायदा नहीं उठा सकते। ट्रंप ने देर न करते हुए इस आदेश को मैनहट्टन की फेडरल अपील कोर्ट में चुनौती दे दी है। कोर्ट ने संक्षिप्त आदेश जारी करते हुए डिस्टि्रक्ट कोर्ट के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है।

कार्पोरेट टैक्स को लेकर सवाल

मैनहट्टन डिस्टि्रक्ट के अटॉर्नी व डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता साइरस वेंस ने ट्रंप की कंपनी द्वारा 2011 से 2018 तक चुकाए गए कार्पोरेट टैक्स को लेकर सवाल उठाए हैं। उनमें गड़बड़ी का अंदेशा जताया है। उनकी अर्जी पर डिस्टि्रक्ट कोर्ट ने फैसला सुनाया था। फैसले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, कट्टरपंथी वामपंथी डेमोक्रेट सभी मोर्चो पर विफल रहने के बाद अब इस तरह की हरकतें कर रहे हैं। ऐसा आचरण किसी राष्ट्रपति के साथ नहीं किया गया और मेरे साथ यह बंद भी नहीं होगा। ट्रंप के वकील ने कहा है कि राष्ट्रपति के तौर पर ट्रंप किसी भी जांच से परे हैं। वेंस को ट्रंप के व्हाइट हाउस छोड़ने का इंतजार करना चाहिए।

Posted By: Manish Pandey

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