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ट्रंप का बड़ा दावा, 'ईरान के साथ परमाणु समझौता लगभग तय, खत्म होगा होर्मुज संकट'

Published: Sat, 18 Apr 2026 12:52 AM (IST)

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान ने समृद्ध यूरेनियम छोड़ने और होर्मुज को हमेशा के लिए खुला रखने पर सहमति जताई है।

ट्रंप का बड़ा दावा- ईरान के साथ परमाणु समझौता लगभग तय (फोटो- रॉयटर)

ट्रंप का बड़ा दावा- ईरान के साथ परमाणु समझौता लगभग तय (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. होर्मुज जलमार्ग हमेशा के लिए खुला रखने पर बनी सहमति

  2. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर किया ईरान डील का एलान

जेएनएन, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर बड़ा दावा किया है कि ईरान के साथ परमाणु समझौता लगभग तय हो गया है, जिससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान ने समृद्ध यूरेनियम छोड़ने और होर्मुज को हमेशा के लिए खुला रखने पर सहमति जताई है।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हमारे महान बी-2 बमवर्षकों द्वारा बनाई गई सभी परमाणु ‘धूल’ प्राप्त कर लेगा, कोई भी रूप में कोई धन का लेन-देन नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की पुष्टि की है और अब अमेरिका आराम से ईरान में प्रवेश कर इस सामग्री को वापस लाएगा।

ईरान की ओर से इन दावों की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, न ही खंडन किया गया है। हालांकि, आज ईरान ने घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है, यह भी लेबनान में 10-दिवसीय युद्धविराम के दौरान।

ट्रंप ने तुरंत इसका स्वागत करते हुए लिखा, 'थैंक यू!' लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसेना की ईरानी बंदरगाहों पर ब्लॉकेड तब तक जारी रहेगी, जब तक पूरा सौदा 100% पूरा नहीं हो जाता।

समझौते के प्रमुख बिंदु (ट्रंप के अनुसार)

  • ईरान समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंप देगा, जो पिछले साल बी-2 हमलों में गहरे दब गया था।
  • ईरान होर्मुज को कभी बंद नहीं करेगा और इसे दुनिया के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं करेगा।
  • कोई प्रत्यक्ष नकद भुगतान नहीं हालांकि रिपोर्ट्स में 20 अरब डॉलर तक के फ्रोजन ईरानी एसेट्स छोड़ने की चर्चा है।
  • ईरान ने परमाणु संवर्धन बंद करने या सीमित करने पर सहमति जताई है।

ट्रंप ने रॉयटर को दिए साक्षात्कार में कहा कि ईरान के पास अभी परमाणु हथियार नहीं है और उन्होंने इसे बहुत दृढ़ता से स्वीकार किया है। लेकिन उन्होंने ईरान की मांगों प्रतिबंध हटाने, जब्त संपत्तियों की वापसी और हमलों में हुए नुकसान का मुआवजा का कोई जिक्र नहीं किया।