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ईरान के स्कूल पर किसने गिराया बम? सवाल पूछने पर सकपकाए ट्रंप, दिया ये जवाब

Published: Tue, 10 Mar 2026 09:33 AM (IST)

ईरान के मिनाब में एक प्राइमरी स्कूल पर टॉमहॉक मिसाइल हमले में 150 से अधिक बच्चों की मौत हो गई। ...और पढ़ें

HighLights

  1. ईरान के मिनाब स्कूल पर टॉमहॉक मिसाइल से हमला हुआ।

  2. हमले में 150 से अधिक बच्चों की दुखद मौत हुई।

  3. ट्रंप ने जानकारी से इनकार किया, ईरान ने युद्ध अपराध बताया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान में एक स्कूल पर टॉमहॉक क्रूज मिसाइल से हुए हमले की खबरों पर कहा है कि उन्हें इस बारे में 'पर्याप्त जानकारी नहीं है'।

उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास भी टॉमहॉक मिसाइलें हैं, जबकि विशेषज्ञों और मीडिया रिपोर्ट्स में साफ है कि मौजूदा संघर्ष में केवल अमेरिका ही इस मिसाइल का इस्तेमाल कर रहा है।

दरअसल 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में एक प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले में 150 से ज्यादा लोग मारे गए। इनमें ज्यादातर बच्चे थे।

ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका और इजरायल पर स्कूल पर हमला करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह हमला जानबूझकर किया गया और इसमें स्कूल के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। राज्य मीडिया ने अंतिम संस्कार की तस्वीरें दिखाईं, जिसमें बच्चे की तस्वीरों वाले ताबूत ईरानी झंडों से ढके हुए थे।

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क्या है तथ्य?

न्यूयॉर्क टाइम्स ने ईरान की सेमी-ऑफिशियल मेहर न्यूज एजेंसी की ओर से जारी वीडियो की जांच की और इसे वेरिफाई भी किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि टॉमहॉक क्रूज मिसाइल स्कूल के पास की एक संरचना पर गिर रही है। विशेषज्ञों ने पुष्टि की कि यह मिसाइल टॉमहॉक ही है, जिसके पंखों की खास शक्ल से इसकी पहचान होती है।

बेलिंगकैट और एसोसिएटेड प्रेस के विश्लेषकों ने भी वीडियो और सैटेलाइट इमेजरी की जांच की। उन्होंने कहा कि मिसाइल स्कूल के बगल में इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नौसेना बेस पर लगी, लेकिन स्कूल भी उसी हमले में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अमेरिकी सेना ने उसी दिन होर्मुज जलडमरूमध्य के पास नौसेना ठिकानों पर हमले की पुष्टि की थी।

ट्रंप ने क्या कहा?

दरअसल एक रिपोर्टर के सवाल पर ट्रंप ने कहा, "टॉमहॉक अन्य देशों की ओर से इस्तेमाल किया जाता है और बेचा जाता है। ईरान के पास भी कुछ टॉमहॉक हैं... मुझे इसके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। मुझे लगता है कि यह जांच के अधीन है।"

ट्रंप ने पहले भी कहा था कि उनका मानना है कि यह हमला ईरान ने ही किया। लेकिन कोई सबूत नहीं दिया। अमेरिकी प्रशासन के अन्य अधिकारी इस दावे से सहमत नहीं दिखे।

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अमेरिका और इजरायल का आधिकारिक बयान क्या है?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस घटना को लेकर कहा कि अमेरिका कभी जानबूझकर स्कूल पर हमला नहीं करेगा। उन्होंने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका स्कूल को निशाना नहीं बनाएगा। हमारे लक्ष्य मिसाइलें और उन्हें लॉन्च करने की क्षमता हैं।"

इजरायली सेना के प्रवक्ता नदाव शोशानी ने कहा कि उन्हें स्कूल पर हमले की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इजरायल या अमेरिका ने वहां हमला नहीं किया, कम से कम उन्हें इसकी जानकारी नहीं।

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ईरान ने बताया युद्ध अपराध

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका और इजरायल पर सीधे स्कूल पर हमला करने का आरोप लगाया। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, हमले में 150 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे। कुछ रिपोर्ट्स में मौतों की संख्या 165 से 175 तक बताई गई है।

ये स्कूल शजराह तैय्यबह प्राइमरी स्कूल था, जहां लड़कियां पढ़ती थीं। हमला स्कूल के समय हुआ, जब बच्चे क्लास में थे। ईरान ने इसे युद्ध अपराध बताया है और अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है।

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