वाशिंगटन, एएफपी/रायटर। मध्य-पूर्व की राजनीति में बड़ा असर डालने वाला फैसला लेते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गोलन पहाड़ियों पर इजरायल के अधिकार को मान्यता दे दी। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस पहाड़ी इलाके को इजरायल ने 1967 के युद्ध में सीरिया से छीन लिया था और उसके बाद उसे वापस नहीं किया।

गोलन पहाड़ियों पर इजरायल के कब्जे को दुनिया ने कभी मान्यता नहीं दी और वह विवादित इलाका बना रहा। लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने इस इलाके पर इजरायल के अधिकार को मान्यता देते हुए 52 साल की यथास्थिति को खत्म कर दिया है।

ट्रंप ने इससे पहले मध्य-पूर्व एशिया की राजनीति में बेहद अहम यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दी थी। गोलन पहाड़ियों पर ट्रंप ने फैसले का एलान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौजूदगी में व्हाइट हाउस में किया। ट्रंप ने कहा, यह फैसला बहुत पहले हो जाना चाहिए था।

जाहिर है कि इजरायल के पक्ष में आए इस ऐतिहासिक फैसले का श्रेय नेतन्याहू को मिलेगा। इसके चलते अप्रैल में होने वाले चुनाव में नेतन्याहू का पलड़ा भारी रहने की उम्मीद बढ़ गई है।

अमेरिकी कदम पर प्रतिक्रिया में सीरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर बर्बर हमला है। मुस्लिम जगत ने ट्रंप के इस फैसले पर फिलहाल खामोशी बरती हुई है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh