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H-1B Visa, ग्रीन कार्ड और स्टूडेंट वीजा पर ट्रंप सरकार बना रही नए रूल, भारतीयों पर होगा सबसे ज्यादा असर

Published: Tue, 07 Jul 2026 09:38 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 07 Jul 2026 09:54 PM (GMT+05:30)

अमेरिकी सरकार H-1B वीजा, ग्रीन कार्ड और स्टूडेंट वीजा के नियमों को सख्त करने की योजना बना रही है।

H-1B वीजा पर अमेरिका सरकार लागू कर सकती है नए नियम (फोटो-रॉयटर्स)

H-1B वीजा पर अमेरिका सरकार लागू कर सकती है नए नियम (फोटो-रॉयटर्स)

HighLights

  1. अमेरिकी सरकार H-1B, ग्रीन कार्ड, स्टूडेंट वीजा नियम सख्त करेगी।

  2. ट्रंप प्रशासन इमिग्रेशन नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी में है।

  3. इन नए नियमों से भारतीयों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिकी सरकार H-1B वीजा, ग्रीन कार्ड और स्टूडेंट वीजा के नियमों को और सख्त करने की योजना बना रही है। डोनल्ड ट्रंप की सरकार के इन नए नियमों से भारतीयों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है।

ट्रंप प्रशासन इमिग्रेशन नियमों में बदलाव का एक नया दौर शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इससे H-1B वीजा प्रोग्राम, नौकरी पर आधारित ग्रीन कार्ड, विदेशी छात्रों के वीजा की अवधि और उन्हें मिलने वाले ऑप्शनल ट्रेनिंग प्रोग्राम (OPT) में बड़े बदलाव हो सकते हैं।

Visa को लेकर ट्रंप सरकार बदल रही नियम

ट्रंप सरकार के नए नियमों के लागू होने से एम्प्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट्स (EADs) का ऑटोमैटिक एक्सटेंशन भी खत्म हो जाएगा। अगर ये प्रस्ताव लागू होते हैं, तो भारतीय प्रोफेशनल्स और छात्रों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने का अनुमान है।

अमेरिकी सरकार के ये नए नियम US के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट (DHS), लेबर डिपार्टमेंट (DOL) और स्टेट डिपार्टमेंट (DOS) के हालिया रेगुलेटरी एजेंडा का हिस्सा हैं।

अमेरिका में आने वाले महीनों के लिए प्रशासन की इमिग्रेशन से जुड़ी प्राथमिकताओं के बारे में बताया जा सकता है। हालांकि इसे लेकर समय-सीमा अभी तय नहीं हुई है।

सरकार को इन नियमों को लागू करने के पहले प्रस्तावों को कानून बनाना होगा। इसके लिए औपचारिक प्रक्रिया होगी, जिसमें अभी समय लग सकता है। इसके बाद ही प्रशासन की भावी दिशा का सबसे स्पष्ट संकेत मिल सकता है।

क्या है H-1B Visa?

अमेरिकी सरकार के सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाले प्रस्तावों में से एक H-1B प्रोग्राम है, जिसके अगस्त में जारी होने की उम्मीद है। DHS की योजना है कि सालाना 85,000 H-1B वीजा की सीमा (कैप) से कुछ छूट के लिए पात्रता नियमों को कड़ा किया जाए।

अमेरिका में मौजूदा समय में यूनिवर्सिटी और योग्य रिसर्च संस्थाएं कभी भी H-1B कर्मचारियों को काम पर रख सकती हैं और उन पर सालाना लॉटरी की शर्त भी लागू नहीं होती है।

सरकार का प्लान है कि जो एम्प्लॉयर H-1B कर्मचारियों को थर्ड-पार्टी क्लाइंट साइट पर भेजते हैं, उनके लिए अतिरिक्त शर्तें लागू की जाएं और जिन एम्प्लॉयर का H-1B नियमों के उल्लंघन का इतिहास रहा है, उनकी ज्यादा बारीकी से जांच की जाए।

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