वाशिंगटन, जागरण स्‍पेशल। महाभियोग का सामना कर रहे अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप Impeachment against President Trump के खिलाफ डेमोक्रेट्स दो लेख प्रस्‍तुत करेंगे। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही में डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण वाली न्‍यायिक समिति ने उनके खिलाफ औपचारिक आरोप तय कर दिया है। ट्रंप के खिलाफ महाभियोग में ये एक अहम हिस्‍सा है।

न्‍यायिक समिति के चेयरमैन और डेमो‍क्रेटिक नेता जेरी नाडलेर के अनुसार ट्रंप के खिलाफ दो मुख्‍य अारोप हैं। पहला कि ट्रंप ने सत्‍ता का दुरुपयोग किया है और दूसरा यह कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने संसद के काम में बाधा डाली है। ट्रंप पर आरोप है कि उन्‍होंने राजनीतिक लाभ के लिए यूक्रेन को मिलने वाली आर्थिक मदद को रोक दिया था।

क्‍या है यूक्रेन का मामला

राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा था अगर यूक्रेन उनके मुताबिक जांच शुरू करता है तो अमेरिका उसे 40 करोड़ डॉलर की सैन्‍य मदद करेगा और ट्रंप यूक्रेन के राष्टपति से व्हाइट हाउस में मुलाक़ात करेंगे। विपक्ष डेमोक्रेट्स कहना है कि एक कमज़ोर अमरीकी सहयोगी पर दबाव डालना सत्ता का दुरुपयोग है। फोन पर हुई इस बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति से कथित तौर पर राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित उम्मीदवार और उनके बेटे हंटर बाइडेन के खिलाफ जांच करने के लिए कहा था। हंटर बाइडेन यूक्रेन की एक ऊर्जा कंपनी के बोर्ड सदस्‍य बने थे , जब उनके पिता यानी जो बाइडेन अमरीका के उपराष्ट्रपति थे।

नडलर ने ट्रंप पर महाभियोग चलाने की वकालत की

अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की न्यायिक समिति के अध्यक्ष जेरोल्ड नडलर House Judiciary Committee Chairman Jerry Nadler ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग चलाने की वकालत की थी। नडलर ने कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप महाभियोग का सामना करने के पात्र हैं। उन्होंने कई ऐसे अपराध किए हैं, जिनके आधार पर उन पर महाभियोग चलाया जा सकता है। 

नडलर ने कहा था कि ट्रंप ने विशेष वकील रॉबर्ट मुलर की रिपोर्ट में कुछ साबित नहीं होने का ढिंढोरा पीट दिया है। उन्होंने खुद को निर्दोष भी घोषित कर दिया है। ऐसे में हमें उनके खिलाफ ठोस सुबूत चाहिए। तभी अमेरिकी जनता को विश्वास होगा कि ट्रंप पर महाभियोग उचित है। न्यायिक समिति ट्रंप पर महाभियोग चलाने के बारे में बीते कई महीनों से विचार कर रही है। ऐसे में नडलर का बयान और महत्वपूर्ण हो जाता है।

दो चरणों की महाभियोग की प्रक्रिया 

महाभियोग दो चरणों में होने वाली प्रक्रिया है। इसमें संसद के दोनों सदन हिस्‍सा लेते है। यह महाभियोग का प्रथम चरण है। पहले चरण में निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेज़ेन्टेटिव्स के नेता राष्ट्रपति पर लगे आरोपों को देखते हैं और तय करते हैं कि राष्ट्रपति पर औपचारिक तौर पर आरोप लगाएंगे या नहीं। इस प्रक्रिया को कहा जाता है महाभियोग के आरोपों की जांच को आगे बढ़ाना। फ‍ि लहाल यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब अगर न्‍यायिक समिति आरोपों को सही ठहराती है तो निचले सदन में मतदान होगा। 

 

Posted By: Ramesh Mishra

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