वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिकी संसद सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को अस्वीकार करने की मांग के बीच डेमोक्रेट नेता एडम स्किफ ने जोरदार तर्को के साथ अपनी बात रखी। सीनेट अपने इतिहास में तीसरी बार किसी राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग पर बहस कर रहा है।

प्रतिनिधि सभा की नामित सांसदों की टीम के अगुआ स्किफ ने ट्रंप पर आरोपों को सही ठहराने की पुरजोर कोशिश की। स्किफ ही वह वरिष्ठ सांसद हैं जिनके नेतृत्व में जांच दल ने डोनाल्ड ट्रंप पर निजी हित के लिए पद के दुरुपयोग और संसदीय जांच को बाधित करने के आरोप लगाए हैं।

प्रतिनिधि सभा से आए विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने यह जानते हुए कि 100 सदस्यों वाली सीनेट में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है, बावजूद इसके उन्होंने ट्रंप के खिलाफ माहौल बनाने की पूरी कोशिश की। चुनावी साल में हो रही बहस और टीवी पर हो रहे इसके टेलीकास्ट ने उन्हें राष्ट्रपति पर हमला बोलने का बेहतर मौका दे दिया है। सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के 53 जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के 47 सांसद हैं।

स्किफ ने महाभियोग के दो आरोपों के अतिरिक्त ट्रंप पर 2016 का चुनाव जीतने में भी गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। कहा कि वह आने वाले चुनाव में भी वैसा ही कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कहा, वह जो बात कह रहे हैं-पूरी तरह से तथ्यों के आधार पर कह रहे हैं। स्किफ ने इतिहास पुरुष फादर एलेक्जेंडर हैमिल्टन की कल्पना वाले राष्ट्रपति की भूमिका को भी सीनेट को समझाने की कोशिश की। कहा, ट्रंप फादर की कल्पना पर खरे नहीं उतरते। वह शक्ति का दुरुपयोग करने वाले राष्ट्रपति हैं। इसीलिए 435 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा ने बीती 18 दिसंबर को उनके खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पारित किया।

अब इस प्रस्ताव पर सीनेट में चर्चा हो रही है। सीनेट में यह प्रक्रिया अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्टस की देखरेख में चल रही है। नियमानुसार सीनेट में दो तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित होने पर ही राष्ट्रपति को पद छोड़ना होगा।

1.10 करोड़ लोगों ने देखी प्रक्रिया

अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया में चल रही सांसदों की बहस को पहले दिन एक करोड़ दस लाख लोगों ने टेलीविजन पर देखा।

Posted By: Manish Pandey

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