न्यूयार्क, एजेंसियां। दुनिया में कोरोना वैक्सीन तक सभी देशों की समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बने वैश्विक गठबंधन कोवैक्स को तत्काल दो करोड़ डोज की जरूरत है। भारत में बढ़ी मांग के कारण आपूर्ति प्रभावित होने से यह तत्काल जरूरत सामने आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमवार को यह बात कही। पुणे में स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआइआइ) आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड वैक्सीन का उत्पादन कर रहा है।

भारत भी कोवैक्स की पहल में शामिल

 डब्ल्यूएचओ ने पिछले महीने कहा था कि अनुबंध के तहत एसआइआइ भारत सरकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ-साथ 64 कम आय वाले देशों में वितरित करने के लिए कोवैक्स को टीका उपलब्ध कराएगा। इस अनुबंध में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए फंडिंग मुहैया कराने की भी बात है। भारत भी कोवैक्स की पहल में शामिल है।

फिलहाल दूसरी लहर को देखते हुए यहां सरकार टीकाकरण तेज करने के प्रयास में है। ऐसे में वैश्विक आपूर्ति पर पड़ने वाले असर की भरपाई के लिए डब्ल्यूएचओ ने कोवैक्स के लिए दो करोड़ डोज की जरूरत बताई है। इस बीच, डब्ल्यूएचओ ने अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना के साथ 50 करोड़ डोज के लिए करार किया है। इन्हें गरीब देशों में भेजा जाएगा। कंपनी यह आपूर्ति इस साल की आखिरी तिमाही में शुरू करेगी।

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