युनाइटेड नेशंस, एपी। Coronavirus, दुनिया का सबसे बड़ा और शक्तिशाली देश अमेरिका कोरोना वायरस की चपेट में आ चुका है। पूरी दुनिया में कोरोना से मचे हाहाकार के बीच संयुक्त राष्ट्र में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है। संयुक्त राष्ट्र(यूएन) ने समाचार एजेंसी एपी के हवाले से जानकारी दी है कि दुनियाभर में UN के करीब 100 स्टाफ सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि दुनिया भर में 86 स्टाफ सदस्यों में COVID​​-19 के मामलों की पुष्टि हुई है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि अधिकांश संक्रमित कर्मचारी यूरोप में हैं, लेकिन अफ्रीका, एशिया, मध्य पूर्व और संयुक्त राज्य अमेरिका में भी ऐसे कर्मचारी हैं जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए हैं।

कोरोना ने बढ़ाई UN की चिंता

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने जानकारी दी कि कोरोना वायरस के ट्रांसमिशन को कम करने की कोशिश करने के लिए अधिकांश यूएन कर्मचारी घर से काम(वर्क फ्राम होम) कर रहे हैं।दुजारिक ने कहा कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में जहां एक सामान्य दिन में 11,000 बार कर्मचारी आते हैं, उनकी संख्या घटकर 140 तक आ गई है।

उन्होंने कहा कि जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में कर्मचारियों की संख्या एक नियमित दिन पर लगभग 4,000 लोगों से घटकर गुरुवार को सिर्फ 70 रह गई है।उन्होंने कहा कि विएना में संयुक्त राष्ट्र के 97 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी अब दूरस्थ रूप से काम कर रहे हैं, वहीं अदीस अबाबा, इथियोपिया में, 99 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं।

कोराना वायरस की कोई सरहद नहीं है। उसने सभी सरहदों को पार करते हुए 195 देशों में प्रवेश कर लिया है। अब यह वैश्विक बन चुका है। इसके साथ ही समस्‍या भी वैश्विक संकट बन चुकी है। ऐसे में दुनिया के राजनीतिक और सामरिक मतभेद सामने आ रहे हैं। संयुक्‍त राष्‍ट्र ने कहा है कि सभी देशों को एकजुट होकर काम करना चाहिए।

Posted By: Shashank Pandey

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