वॉशिंगटन, एएनआइ। एक रिसर्च में कहा गया है कि कोरोना वायरस को लेकर आ रही गलत खबरों से बीमारी का प्रकोप बढ़ सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंजिला (UEA) की एक रिसर्च के मुताबिक सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस को लेकर फैल रही गलत सूचनाएं मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंता सकती है। वैज्ञानिक सोशल मीडिया पर इसे लेकर फैल रही गलत सूचनाओं पर काम कर रहे हैं। यदि ये सूचनाएं सोशल मीडिया पर ना दी जाएं तो कितनी जिंदगीयां बचाई जा सकती हैं।

UEA के नॉरविच मेडिकल स्कूल के COVID-19 एक्सपर्ट प्रोफेसर पॉल पंटर और डॉक्टर जूली ब्रेनार्ड कोरोना वायरस के फैल रहे प्रकोप के दौरान फैलाई जा रही गलत सूचनाओं से मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव पर काम कर रहे हैं। प्रोफेसर हंटर ने कहा कि दुर्भागय से रिसर्च में ब्रिटिश की 40 फीसद जनता इस कोंस्पीरेसी थ्योरी पर विश्वास करती है। यहां तक कि यूएस और अन्य देशों में भी इन पर विश्वास किया जा रहा है।

 

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