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एआई से की गई साजिश को AI ने ही पकड़ा, कैसे बदल रहा कंपनियों का डेटा चुराने का तरीका?

Published: Mon, 19 Oct 2026 05:30 PM (IST)Updated: Mon, 19 Oct 2026 05:33 PM (IST)

ओपनएआई में एक कर्मचारी ने एआई का उपयोग कर जासूसी की योजना बनाई और छिपा हुआ रिकॉर्डर लगाया, जिसे बाद में एआई की मदद से ही पकड़ा गया।

एआई से की गई साजिश को AI ने ही पकड़ा। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

एआई से की गई साजिश को AI ने ही पकड़ा। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

HighLights

  1. ओपनएआई कर्मचारी ने एआई से जासूसी की योजना बनाई।

  2. छिपा रिकॉर्डर लगाया, जिसे एआई ने ही खोज निकाला।

  3. यह घटना एआई के दोहरे उपयोग को दर्शाती है।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। कोई भी आविष्कार वरदान है या अभिशाप यह, यह उसके इस्तेमाल करने के तरीके और इस्तेमाल करने वालों पर निर्भर करता है। दुनिया भर में एआई ने अपनी पहचान लोगों को काम को आसान करने वाले टूल के रूप में बनाई है, लेकिन अब एआई जासूसी का प्लान बनाने और उसे पकड़ने, दोनों में मदद कर रहा है।

इसका ताजा उदाहरण है ओपनएआई का मामला। 30 सितंबर को ओपनएआई के सैन फ्रांसिस्को दफ्तर में एक छिपा हुआ रिकॉर्डर मिला। यह टीवी के पीछे यूएसबी पोर्ट से जुड़ा था और टॉयलेट पेपर में लपेटा गया था। आरोप है कि इंजीनियर अब्दुलरहमान अलफोजान ने इसे बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए लगाया था।

जांच में पता चला कि उनसे एआई की मदद से मीटिंग रूम और अधिकारियों की बैठक की जगहों के बारे में जानकारी निकाली थी। उसने अपनी पत्नी के चैटबॉट अकाउंट से सवाल पूछे थे कि रिकॉर्डर कैसे बनाएं, छिपाएं और दूर से चलाएं।

अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला करार दिया

अलफोजान पर बातचीत सुनने वाला उपकरण इस्तेमाल करने का आरोप है। दोषी पाए जाने पर 5 साल तक जेल और 2.5 लाख डॉलर तक जुर्माना लग सकता है। अभी वह हिरासत में है।

ओपनएआई के मुताबिक, मॉडल वेट्स (एआई का मूल आधार), सोर्स कोड या ग्राहक के डेटा तक अनधिकृत पहुंच के संकेत नहीं मिले। कर्मचारी को निकाल दिया गया है। अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो एफबीआई के डायरेक्टर काश पटेल ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया ।

रिकॉर्डर बनाने, छिपाने और दूर से एक्सेस करने के सवाल पूछे गए। इसे पकड़ने में भी एआई ही काम आया। ओपनएआई का कहना है कि उसने अपने ही मॉडलों से उपकरण का स्रोत खोजा और कर्मचारी की पहचान की।

पहले भी हुए हैं ऐसे मामले

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, इससे पहले गूगल के पूर्व इंजीनियर लिनवेई डिंग पर आरोप थे कि उन्होंने 2022-23 में कंपनी के एआई सुपरकंप्यूटर से जुड़े 2000 से ज्यादा पन्नों के गोपनीय दस्तावेज निजी क्लाउड अकाउंट में डाले, जबकि वे चीन की कंपनियों के लिए भी काम कर रहे थे। गूगल को इसकी भनक तब लगी, जब वे बीजिंग के निवेशक सम्मेलन में एक चीनी कंपनी के सीईओ बनकर दिखे।

जनवरी, 2026 में ज्यूरी ने उन्हें आर्थिक जासूसी और कारोबारी राज चोरी का दोषी ठहराया। न्याय विभाग के मुताबिक, एआई से जुड़े ऐसे मामले में यह पहली दोषसिद्धि थी। अगस्त में जज ने जासूसी वाले आरोप पलट दिए, पर 1 सितंबर को डिंग को 12 महीने में एक दिन कम की जेल हुई।

कर्मचारियों से जुड़ा जोखिम एआई कंपनियों की आपसी होड़ में भी दिखा। एलन मस्क की एक्सएआई ने अगस्त 2025 में पूर्व इंजीनियर शुएचेन ली पर मुकदमा किया। आरोप है कि ओपनएआई में जाने से पहले उन्होंने ग्रोक चैटबॉट से जुड़े राज निजी डिवाइस में कॉपी किए। ओपनएआई इस मुकदमे में पक्षकार नहीं है।

सुरक्षा कंपनी क्लाउडफ्लेयर की 2026 की थ्रेट रिपोर्ट के मुताबिक, एआई हमलों की तकनीकी बाधा घटा रहा है। यानी जासूसी की कोशिश आसान, रोकना मुश्किल, और लड़ाई भी उसी टेक्नोलॉजी से।