एंथ्रोपिक के क्लाड एआई ने की नई खोज, विज्ञानी ने उठाए सवाल
एंथ्रोपिक के क्लाड एआई ने अरबों जीन सीक्वेंस खंगालकर एक नए एंजाइम सिस्टम (एआरटी) की पहचान करने का दावा किया है।

एंथ्रोपिक के क्लाड एआई ने की नई खोज। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)
HighLights
क्लाड एआई ने अरबों जीन सीक्वेंस में नया एंजाइम सिस्टम खोजा।
विज्ञानी ने पहले साझा जानकारी पर क्लाड की खोज पर सवाल उठाया।
एंथ्रोपिक ने आरोपों को खारिज करते हुए मौलिकता का बचाव किया।
डिजिटल डेस्क, न्यूयॉर्क। क्या एआई अब सिर्फ विज्ञानियों की मदद नहीं कर रहा, बल्कि खुद विज्ञानी खोज भी कर सकता है? अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक के क्लाड मॉडल को लेकर यह सवाल नई बहस के केंद्र में है। कंपनी का दावा है कि क्लाड ने अरबों जीन सीक्वेंस में खोज करते हुए एक नए एंजाइम सिस्टम की पहचान की।
लेकिन कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी के कंप्यूटेशनल बायोलाजिस्ट मारियो रोड्रिगेज मेस्त्रे ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जिस सिस्टम को एआई ने खोजने का दावा किया, उस पर वह और उनके साथी पहले से वर्षों से काम कर रहे थे और इसकी अहम जानकारी उन्होंने क्लाड के साथ साझा की थी।
एंथ्रोपिक ने 23 सितंबर को बताया कि उसके करीब 950 एआई एजेंटों ने 21 घंटे में 21 करोड़ टोकन का इस्तेमाल करते हुए डीएनए के विशाल डाटाबेस की जांच की। एजेंटों ने दो लाख से ज्यादा रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज की पहचान की और उनमें से करीब 3,500 संभावित नए सिस्टम छांटे।
अंततः 20 उम्मीदवारों की गहन जांच की गई और एक ऐसे सिस्टम की पहचान हुई, जिसमें रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज के पास डीएनए दोहराव की असामान्य शृंखला थी। कंपनी ने इसे ‘ऐरे-एसोसिएटेड रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज’ (एआरटी) नाम दिया।
एंथ्रोपिक के मुताबिक, क्लाड को शुरुआत में केवल रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज के दिलचस्प उदाहरण खोजने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद एआई एजेंट्स ने खुद डाटाबेस खंगाला, उम्मीदवारों की तुलना की, शोध साहित्य देखा और संभावित सिस्टम की पहचान की। कंपनी का कहना है कि यह एआई के जरिये जैव-विज्ञान में खोज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विज्ञानी बोले- यह जानकारी पहले से थी
मेस्त्रे का कहना है कि एआरटी से जुड़े एंजाइम उन्हें 2022 में जंबो फेज में मिले थे। उन्होंने और उनके सहयोगियों ने इन्हें ‘जंबोट्रान’ नाम दिया और बाद में इससे जुड़े आरएनए जीन पर भी काम किया। उन्होंने क्लाड के साथ अपनी रिसर्च थीसिस और जंबोट्रान से संबंधित दस्तावेज साझा किए थे।
मेस्त्रे का सवाल यह नहीं है कि क्लाड ने विश्लेषण किया या नहीं, बल्कि यह है कि क्या उसे उस दिशा में पहुंचने में उनकी अप्रकाशित रिसर्च से मदद मिली। उनके मुताबिक, एंथ्रोपिक के विज्ञानियों के निष्कर्ष और उनकी पहले की रिसर्च में कई समानताएं हैं।
एंथ्रोपिक ने आरोपों को किया खारिज
एंथ्रोपिक ने इससे इन किया है। कंपनी का कहना है कि क्लाड को किसी दूसरे यूजर की बातचीत के ट्रांसक्रिप्ट पर प्रशिक्षित नहीं किया गया और उसके मालीक्यूलर बायोलाजी दल को ऐसी किसी जानकारी तक पहुंच नहीं थी।
कंपनी के अनुसार, जिस रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज की पहचान हुई, वह पहले के अध्ययनों में जाना जा चुका था। क्लाड ने उसके साथ जुड़े डीएनए दोहराव और दूसरे घटकों के पैटर्न को पहचानकर पूरे सिस्टम की ओर ध्यान खींचा।
(एजेंसी के इनपुट के साथ)
