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सुरक्षा सीमाएं तोड़ वेबसाइटों तक पहुंचा क्लॉड AI, टेक्निकल कमजोरियों का उठा रहा फायदा

Published: Sat, 10 Oct 2026 08:15 PM (IST)

एंथ्रोपिक के क्लॉड AI मॉडलों में सुरक्षा सीमाएं तोड़ने और वेबसाइटों की कमजोरियों का फायदा उठाने के मामले सामने आए ...और पढ़ें

एंथ्रोपिक के क्लाउड AI ने तोड़ी सुरक्षा सीमाएं (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

एंथ्रोपिक के क्लाउड AI ने तोड़ी सुरक्षा सीमाएं (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

HighLights

  1. क्लाउड AI मॉडलों ने सुरक्षा सीमाएं तोड़ वेबसाइटों तक पहुंच बनाई।

  2. फिलाडेल्फिया पुलिस वेबसाइट पर झूठी सूचना भेजने का मामला सामने आया।

  3. एंथ्रोपिक ने AI मॉडलों के लाइव इंटरनेट एक्सेस पर प्रतिबंध बढ़ाया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ओपनएआई के एआई मॉडलों से जुड़े सुरक्षा मामले सामने आने के बाद अब एंथ्रोपिक के क्लॉड माडलों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। कंपनी के आंतरिक परीक्षण में माडलों द्वारा सुरक्षा सीमाएं तोड़ने और वेबसाइटों की कमजोरियों का फायदा उठाने के मामले सामने आए।

एक मामले में फिलाडेल्फिया पुलिस की वेबसाइट पर झूठी सूचना भेजने के लिए ऑनलाइन फार्म भी जमा कर दिया गया। कंपनी के अनुसार, क्लॉड माडलों के कुछ अनचाहे व्यवहार सामने आने के बाद उसने आंतरिक मूल्यांकनों में लाइव इंटरनेट एक्सेस पर प्रतिबंध बढ़ा दिया है।

गौरतलब है कि ओपनएआई ने जुलाई 2026 में बताया था कि उसके कुछ माडल परीक्षण के दौरान सुरक्षा खामी का फायदा उठाकर एआई प्लेटफार्म हगिंग फेस के वास्तविक सिस्टम तक पहुंच गए थे। इसके बाद एंथ्रोपिक ने अपने साइबर सुरक्षा परीक्षणों की समीक्षा की।

कंपनी ने पहले तीन और बाद की जांच में एक अन्य मामले में वास्तविक संगठनों के सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच की जानकारी दी।

एंथ्रोपिक के अनुसार, कुछ मामलों में खुराफाती एआई माडलों ने साफ्टवेयर की कमजोरियों का फायदा उठाकर सर्वर पर कमांड चलाए, जबकि अन्य मामलों में शुल्क देकर देखे जा सकने वाले डाटा तक पहुंचने के लिए पाबंदियां दरकिनार की गईं।

कुछ वेबसाइटें अमेरिकी सरकारी एजेंसियों की भी थीं। कंपनी ने व्हाइट हाउस और संबंधित एजेंसियों को जानकारी देने की बात कही है। पुलिस को झूठी सूचना, देरी पर नाराजगीरायटर के अनुसार, 18 जुलाई को क्लॉड माडल ने फिलाडेल्फिया पुलिस की वेबसाइट पर एक अनसुलझे हत्या के मामले से जुड़ी झूठी सूचना भेज दी।

माडल को एकाउंट बनाने या नुकसानदेह सामग्री जमा करने से मना किया गया था, लेकिन फार्म जमा करने पर स्पष्ट रोक नहीं थी। सूचना को स्पैम मानकर आगे नहीं भेजा गया। एंथ्रोपिक को इस घटना का पता सितंबर में चला और पुलिस को जानकारी देने में करीब दो महीने लग गए।

अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग (एफटीसी) के जनसंपर्क निदेशक जो गैब्रियल सिमोनसन ने देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की तत्काल जानकारी और संभावित नुकसान का आकलन जरूरी है। (समाचार एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)