यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इजरायली हमले से जुड़ी जानकरी लीक कर रहा था CIA कर्मचारी, अब ठहराया गया दोषी; ऐसा हुआ खुलासा
CIA कर्मचारी आसिफ विलियम रहमान राष्ट्रीय रक्षा जानकारी को जानबूझकर बनाए रखने और साझा करने के आरोपों में दोषी पाया ...और पढ़ें

रायटर्स, वाशिंगटन। अमेरिका में CIA कर्मचारी आसिफ विलियम रहमान ईरान पर इजरायली हमले से जुड़ी जानकारी लीक कर रहा था। इस मामले में कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहरा दिया है। रक्षा जानकारी को जानबूझकर बनाए रखने और साझा करने के आरोपों में दोषी करार दिया।
रहमान ने 2024 में कई मौकों पर क्लासिफाइड कंटेंट को अवैध रूप से डाउनलोड, प्रिंट और बांटने की बात स्वीकार की है। बताया जा रहा है ये CIA कर्मचारी ईरान पर इजरायली हमले से जुड़ी जानकारी लीक कर रह था। उन्होंने अपने कंप्यूटर से पांच दस्तावेज निकाले जिन पर सीक्रेट और टॉप सीक्रेट का लेबल लगा हुआ था, फिर उसके बाद वह उसे घर ले गया।
दो अमेरिकी खुफिया दस्तावेज शामिल
अमेरिकी सैटेलाइट से प्राप्त खुफिया जानकारी में 15 और 16 अक्टूबर के दो अमेरिकी खुफिया दस्तावेज शामिल थे। ये दस्तावेज मूल रूप से फाइव आइज खुफिया-साझाकरण गठबंधन (ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका) तक सीमित थे। हालांकि, ये दस्तावेज ईरान समर्थक टेलीग्राम चैनल मिडिल ईस्ट स्पेक्टेटर पर दिखाई दिए।
फिर उन्होंने उन्हें पुन: प्रस्तुत किया और संशोधित किया और उन्हें उन लोगों के साथ साझा किया जो कानूनी रूप से उन्हें प्राप्त करने के हकदार नहीं थे।
पेश किए दस्तावेज
रहमान ने अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से अपनी एक्टिविटी हटा दी, रिकॉर्ड को वापस काम पर लाया और उन्हें टुकड़े-टुकड़े कर दिया। दूसरी बार, 2024 की शरद ऋतु में, अदालती दाखिलों में कहा गया कि उन्होंने टॉप सीक्रेट के साथ अन्य 10 दस्तावेज पेश किए, उन्हें घर ले गए और दूसरों के साथ शेयर किया।
मिडिल ईस्ट स्पेक्टेटर का बयान
मिडिल ईस्ट स्पेक्टेटर ने इस लीक से किसी भी सीधे संबंध से इनकार किया है। उन्होंने कहा, 'हम मानते हैं कि यह [लीक] अमेरिकी विदेश विभाग के भीतर एक व्हिसलब्लोअर से आया है।'
इस लीक ने अमेरिका और फाइव आइज़ गठबंधन के सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा, ईरान और इजरायल के बीच तनावपूर्ण स्थिति में यह जानकारी लीक होना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भी चिंताजनक है।
