फोर्ट लॉडरडेल, एपी। अमेरिकी अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मार-ए-लागो क्लब में बिना इजाजत प्रवेश के मामले में चीनी महिला यूजिंग झांग को आठ माह जेल की सजा सुनाई है। पेशे से कारोबारी 33 साल की झांग ने इस साल 30 मार्च को अमेरिका के फ्लोरिडा प्रांत के पाम बीच पर स्थित ट्रंप के निजी रिसॉर्ट मार-ए-लागो में अवैध रूप से प्रवेश किया था।

खुफिया एजेंटों को भी दिया चकमा

झांग ने क्लब की सुरक्षा में तैनात खुफिया एजेंटों को भी चकमा दे दिया था। बाद में उसे जासूसी के शक में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। तलाशी में उसके पास से एक पेन ड्राइव बरामद किया गया था।

जज ने बताया गंभीर अपराध

जज रॉय एल्टमैन ने सोमवार को अपने फैसले में इस मामले को गंभीर अपराध बताया। पहले से ही जेल में होने के कारण झांग को अब सिर्फ एक सप्ताह की सजा काटनी है। अदालत ने सजा पूरी होने के बाद झांग को वापस चीन भेजने का आदेश दिया है। 

चीन और अमेरिका में ठनी

वहीं, दूसरी तरफ चीन ने अमेरिकी राजदूत को तलब कर सीनेट से पारित हांगकांग मानवाधिकार एवं लोकतंत्र अधिनियम, 2019 बिल को रद करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी भी दी है। यदि उसने ऐसे नहीं किया तो अमेरिका का गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। ट्रंप जैसे ही इसपर हस्ताक्षर करेंगे उसके बाद यह बिल कानून रुप ले लेगा। 

हालांकि, इससे पहले भी बीजिंग की ओर से अमेरिका को सख्त चेतावनी जारी की गई थी। चीन ने कहा था कि इस तरह का फैसला चीन सरकार आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप मानती है। दरअसल, ये बिल ट्रंप प्रशासन को ये शक्ति प्रदान करते हैं कि वह इस बात का आंकलन कर सकें कि क्या हांगकांग में राजनीतिक अशांति के कारण उसे अमेरिकी कानून के तहत मिले विशेष दर्दे में बदलाव करना सही है या नहीं।     

Posted By: Ayushi Tyagi

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