AI पर पहली बार चीन की चिंता, चीनी खुफिया एजेंसी ने अमेरिकी एआई मॉडल्स पर उठाया सवाल; जताई जासूसी की आशंका
चीन के खुफिया प्रमुख ने पहली बार एआई को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए सीधा खतरा बताया है, जिससे सत्ता ...और पढ़ें

चीनी खुफिया प्रमुख ने एआई को बताया राजनीतिक स्थिरता के लिए चुनौती
HighLights
चीन के खुफिया प्रमुख ने एआई को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए खतरा बताया।
एआई से चीन में सत्ता पर पार्टी की पकड़ कमजोर हो सकती है।
राजनीतिक स्थिरता और साइबर सुरक्षा हेतु एआई पर सख्त नियंत्रण जरूरी।
डिजिटल डेस्क, न्यूयॉर्क। एआई ने दुनियाभर के टेक दिग्गजों के माथे पर पसीने ला दिए हैं। पूरी रफ्तार से दौड़ रही एआई की विकास दर को अचानक धीमा करने की जरूरत बताई जाने लगी है।
एंथ्रोपिक के पूर्व रिसर्चर काक्सन, एंथ्रोपिक के सीईओ डैरियो एमोडेई, ओपनएआई के सैम आल्टमैन और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क एआई के नियंत्रण से बाहर जाने और मानवता के लिए ही खतरा बन जाने के प्रति आगाह कर चुके हैं।
इन सबके बीच चीन के खुफिया प्रमुख ने भी अपनी चिंताएं सामने रखी हैं। उन्होंने कहा है कि एआई चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए भी सीधा खतरा बन सकता है और सत्ता पर पकड़ को कमजोर कर सकता है। चीन की तरफ से पहली बार एआई को खतरे के रूप में देखा गया है, जबकि चीन एआई से तकनीकी जोखिमों को खारिज करता रहा है।
चीन की मिनिस्ट्री आफ स्टेट सिक्योरिटी के प्रमुख चेन यिक्सिन ने अपना खरा विश्लेषण सामने रखा है, जो अमेरिका में एआई को लेकर दी जा रही चेतावनियों से बिल्कुल अलग है।
सरकारी मैग्जीन 'चाइना साइबरस्पेस' में रविवार को प्रकाशित लेख में चेन ने कहा कि एआई पर पार्टी का नियंत्रण और सरकार की सख्त निगरानी को बढ़ाने की जरूरत है। देश में राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने, दुश्मन ताकतों के बढ़ते और ज्यादा उन्नत साइबर हमलों और भ्रामक सूचना अभियानों से बचाव और अमेरिका जैसे देशों के साथ सैन्य मामले में मुकाबदा करने के लिए ऐसा करना जरूरी है।
चेन ने विशेष रूप से अमेरिकी टेक कंपनियों और उनके एआई माडल, जैसे क्लाड माइथोज और जीपीटी- 5.5- साइबर, का उदाहरण देते हुए इन्हें साइबर सुरक्षा के नए खतरे बताया।
इसके साथ ही उन्होंने विदेशी खुफिया एजेंसियों दावारा एआई का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर जासूसी और चीन के अहम ढांचे पर हमलों का भी खतरा बताया।
सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के कानून के प्रोफेसर हेनरी गाओ के अनुसार, चीन विदेशी एआई माडल्स को चीन के लिए सक्रिय खतरा मानता है।
24 सितंबर को वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की वार्ता से पहले दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता में एआई सुरक्षा जोखिम 'रेड लाइन' होंगे।
गाओ ने कहा कि चीन इन बातचीत में एआई सुरक्षा को साझा मानवीय मिशन के तौर पर नहीं, बल्कि विरोधी नजरिये से देख रहा है। वह चीनी टेक कंपनियों और विदेशी प्रतिद्वंद्वियों को ये साफ कर रहा है कि डाटा संप्रभुता और राजनीतिक सुरक्षा का सौदा कभी भी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समझौतों के लिए नहीं किया जाएगा।
(न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)
