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चीन पर अमेरिका के एआई मॉडल की चोरी का आरोप, कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने पर चल रहा विचार

Published: Fri, 24 Jul 2026 06:53 AM (IST)

अमेरिका ने चीन पर अपने अत्याधुनिक संवेदनशील आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (एआई) मॉडल की चोरी का आरोप लगाया है। यह आरोप चीन की प्रमुख प्राइवेट एआई कंपनी मूनशॉट एआई पर लगा है।

चीन पर अमेरिका के एआई मॉडल की चोरी का आरोप (फोटो- रॉयटर)

चीन पर अमेरिका के एआई मॉडल की चोरी का आरोप (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. ट्रंप प्रशासन ने कहा, चीनी कंपनी मूनशॉट ने अमेरिकी एंथ्रोपिक का मॉडल चुराया

  2. वित्त मंत्री बेसेंट ने कहा, चीनी कंपनी को काली सूची में डालने और प्रतिबंध पर विचार

रॉयटर, वाशिंगटन। अमेरिका ने चीन पर अपने अत्याधुनिक संवेदनशील आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (एआई) मॉडल की चोरी का आरोप लगाया है। यह आरोप चीन की प्रमुख प्राइवेट एआई कंपनी मूनशॉट एआई पर लगा है।

मूनशॉट पर अमेरिका के एआई पब्लिक बेनीफिट कार्पोरेशन एंथ्रोपिक द्वारा विकसित अति संवेदनशील लैंग्वेज मॉडल फेबिल की चोरी का आरोप लगा है। यह आरोप ट्रंप प्रशासन के तकनीक अधिकारी माइकल क्रैटसियोस ने लगाया है।

क्रैटसियोस ने कहा, हमें पता चला है कि मूनशाट ने एंथ्रोपिक के फेबिल से अवैध रूप से अपना के 3 मॉडल विकसित किया है। अमेरिकी अधिकारी ने यह बात अपने एक्स पोस्ट में कही है।

पोस्ट में कहा गया है कि अमेरिकी शोध और उससे विकसित तकनीक की इस तरह की चोरी और उसे नया नाम देकर प्रस्तुत किया जाना अस्वीकार्य है। इससे पहले बुधवार को अमेरिका के वित्त मंत्री स्काट बेसेंट ने कहा था कि मूनशाट एआई को ब्लैक लिस्ट में डालने और उस पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार हो रहा है।

एंथ्रोपिक की जनसंपर्क अधिकारी सराह हेक ने कहा है कि अमेरिकी माडल की चीन की चोरी से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। पता चला अमेरिकी फेबिल से चीनी के 3 मॉडल विकसित करने में एडवांस एनवीडिया एआई चिप का इस्तेमाल हुआ है।

ट्रंप प्रशासन के रुख से अमेरिका और चीन के बीच उच्च तकनीक के क्षेत्र में भी तनाव बढ़ने के आसार पैदा हो गए हैं। दोनों देशों की कंपनियां इस समय ऐसे शक्तिशाली एआइ माडल विकसित करने में जुटी हैं जिनके आने वाले समय में व्यापक आर्थिक और सैन्य प्रभाव और उपयोग होंगे।

चीन की कंपनी मूनशाट ने अमेरिका के इस आरोप पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है। लेकिन वाशिंगटन में चीन के दूतावास के प्रवक्ता लियू चांग ने क्रैटसियोस के आरोप को निराधार बताया है। कहा है कि चीन बौद्धिक संपदा की सुरक्षा का सम्मान करता है और वह इस बाबत सभी मानदंडों का पालन करता है।