लंदन, प्रेट्र।  कोरोना वायरस के कई वैरिएंट से निपटने के उद्देश्य से विकसित की जा रही कोविड-19 वैक्सीन बूस्टर एक व्यापक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को प्रेरित करने की क्षमता रखता है। यह जानकारी शुरुआती आंकड़ों से सामने आई है। पहले चरण के प्रारंभिक डाटा से पता चलता है कि विकसित की जा रही वैक्सीन में एमआरएनए टीकों के समान एंटीबाडी को निष्क्रिय करने की बेहतर क्षमता है। इस वैक्सीन का अभी 60 साल और उससे अधिक उम्र के बीस लोगों पर परीक्षण किया गया है। इस परीक्षण से मिले आंकड़ों की अभी गहन समीक्षा होनी है।

अमेरिका स्थित जैव प्रौद्योगिकी कंपनी ग्रिटस्टोन बायो, मैनचेस्टर विश्वविद्यालय और मैनचेस्टर विश्वविद्यालय एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट के सहयोग से यह परीक्षण कर रही है। दूसरी पीढ़ी की सार्स-सीओवी 2 वैक्सीन जिन्हें सेल्फ-एम्पलीफाइंग एमआरएनए या सैमआरएनए कहते हैं स्पाइक और नान-स्पाइक प्रोटीन दोनों से एंटीजन बनाती है। सार्स-सीओवी-2 वायरस स्पाइक प्रोटीन की मदद से ही मानव कोशिकाओं में प्रवेश कर उन्हें संक्रमित करता है। मौजूदा समय की ज्यादातर वैक्सीन इसी स्पाइक प्रोटीन को लक्ष्य करते हैं। 

ओमिक्रोन को सामान्य सर्दी-जुकाम की तरह न लें : WHO

वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी WHO की महामारी विज्ञानी सौम्या स्वामीनाथन ने कहा, 'ओमिक्रोन से भी मौतें हो रहीं हैं। वहीं भारत के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी चेताया हैै। इनका कहना है कि नए वैरिएंट को हल्के में न लें। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बुधवार को लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि ओमिक्रोन को सामान्य सर्दी-जुकाम की तरह समझकर हल्के में नहीं लें। डब्ल्यूएचओ ने यह चेतावनी उन खबरों के बीच दी है जिसमें कहा गया है कि ओमिक्रोन के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम की तरह ही हैं।  महामारी विज्ञानी डा. मारिया वन केरखोव ने ट्वीट किया, 'ओमिक्रोन सामान्य सर्दी-जुकाम नहीं है।' उन्होंने आगे कहा, 'कुछ रिपोर्ट डेल्टा की तुलना में ओमिक्रोन वैरिएंट से अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम कम दिखाती हैं, फिर भी बहुत सारे लोग संक्रमित हो रहे हैं, अस्पताल में बीमार पड़े हैं और ओमिक्रोन (ओर डेल्टा) से मर रहे हैं।'

Edited By: Monika Minal