वाशिंगटन, प्रेट्र। कोविड-19 के इलाज की दिशा में उम्मीद की एक और किरण दिखी है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि कैंसर के इलाज में प्रयोग होने वाली एक दवा कोरोना वायरस के कारण सांस में होने वाली दिक्कत और इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा प्रणाली) की अति सक्रियता को कम कर सकती है।

अमेरिका के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने बताया कि दवा एकालाब्रूटिनिब कोविड-19 के मरीजों में ब्रूटोन टायरोसिन किनास (बीटीके) प्रोटीन को ब्लॉक कर देती है। एक छोटे समूह पर किए गए ट्रायल में इसके सकारात्मक नतीजे देखने को मिले हैं। हालांकि विज्ञान पत्रिका साइंस इम्यूनोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि अभी इस दवा के सामान्य प्रयोग का सुझाव नहीं दिया जा सकता है। पर्याप्त क्लीनिकल ट्रायल के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव है।

दवा का दिखा सकारात्मक असर

वैज्ञानिकों ने बताया कि कोविड-19 के कुछ मरीजों में इम्यून सिस्टम की अति सक्रियता के कारण स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान होने लगता है। इस अति सक्रियता को साइटोकिन स्टॉर्म कहा जाता है। साइटोकिन स्टॉर्म के कारण कई मरीजों की हालत गंभीर हो जाती है। ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट या वेंटीलेटर की जरूरत पड़ती है।

परीक्षण में पाया गया कि कैंसर की दवा लेने के एक तीन दिन के भीतर ही ऑक्सीजन सपोर्ट ले रहे 11 में से आठ मरीजों का ऑक्सीजन सपोर्ट हटा दिया गया। कुछ ही दिन में उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। वेंटीलेटर वाले मरीजों पर भी इस दवा का सकारात्मक असर दिखा। नतीजों के आधार पर वैज्ञानिकों का कहना है कि कैंसर की यह दवा कोविड-19 के गंभीर मामलों में कारगर साबित हो सकती है। हालांकि पर्याप्त क्लीनिकल ट्रायल के बिना अभी वैज्ञानिकों ने इसके प्रयोग से बचने को कहा है।

Posted By: Dhyanendra Singh

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