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कैलिफोर्निया, रायटर्स। अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया स्थित चर्च के बारह नेताओं को दर्जनों बेघर लोगों को बंदी बनाकर जबरन मजदूरी कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सभी पीड़ितों को इनके चंगुल छुड़ा लिया गया है। यह मामला तब सामने आया जब पिछले साल एक किशोरी इनसे बचकर भाग गई थी और इसे लेकर अधिकारियों को सचेत किया था।   

चर्च के मुख्यालय से लोगों को लिया गया हिरासत में
अभियोजन पक्ष ने कहा कि चर्च के पूर्व पादरी सहित अन्य लोगों को मंगलवार को कैलिफोर्निया के एल सेंट्रो में हिरासत में लिया गया, जहां चर्च का मुख्यालय है। इनके खिलाफ सैन डिएगो स्थित अमेरिकी जिला न्यायालय में मामला दायर हुआ है। चर्च के अधिकारियों पर साजिश, जबरन श्रम और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।

पीड़ितों में मैक्सिकन नागरिक भी
इस केस को संभालने वाले सहायक अमेरिकी अटॉर्नी क्रिस्टोफर टेनोरियो ने बुधवार को बताया कि पीड़ितों में कम से कम पांच मैक्सिकन नागरिक हैं। अमेरिकी अटॉर्नी रॉबर्ट ब्रेवर ने इसे कैलिफोर्निया में पिछले कुछ सालों में श्रम तस्करी का सबसे बड़ा मामला बताया है। टेनोरियो ने कहा कि यह मामला 2013 से 2018 के बीच के बीच का है। चर्च के मंत्रालय की ओर से इसे लेकर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई है। 

चर्च की ओर से कोई टिप्पणी नहीं
टेनोरियो ने कहा कि यह मामला 2013 से 2018 के बीच के बीच का है। चर्च के मंत्रालय की ओर से इसे लेकर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार अमेरिका और मैक्सिको में नश्मुक्ति केंद्र के उद्देश्य से इन्होंने लगभग 30 चर्च खोले है।

झूठा वादा किया गया
बताया जा रहा है कि चर्च द्वारा पीड़ितों को मुफ्त भोजन और आश्रय की पेशकश के साथ रिहैब की सुविधा का लालच दिया गया। यही नहीं उन्हें अंत में घर लौटाने को लेकर भी झूठा वादा किया गया था। चर्च में जाने के बाद लोगों को घर में बंद कर दिया जाता था। इसके अलावा पीड़ितों के ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य पहचान के दस्तावेजों को भी जब्त कर लिया जाता था। 

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Posted By: Tanisk

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