न्यूयार्क, प्रेट्र। ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन दोहराते हुए कहा कि यूएन जैसे दीर्घकालिक संस्थानों को अतीत की तरह भविष्य को भी प्रभावशाली बनाने के लिए खुद में बदलाव करते रहना चाहिए। क्लेवरली ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र के इतर बुधवार को खास बातचीत में कहा कि भारत वैश्विक मंच पर बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ब्रिटेन उसे अपने आकार व आर्थिक प्रभाव के साथ वैश्विक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते देखना चाहता है।

ब्रिटिश विदेश मंत्री ने कहा, भारत को वैश्विक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाता देखना चाहता है ब्रिटेन

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस की नई सरकार में विदेश, राष्ट्रमंडल व विकास मामलों के मंत्री क्लेवरली ने कहा, 'यह उचित है कि सुरक्षा परिषद उस दुनिया को दर्शाए जो आज है, न कि उसे जब संयुक्त राष्ट्र बना था। जाहिर तौर पर हम भारत को उसके आकार और आर्थिक प्रभाव के साथ वैश्विक स्तर पर पूर्ण एवं सक्रिय भूमिका निभाते देखना चाहते हैं।' एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्री ने कहा कि हिंद-प्रशांत ब्रिटेन के हाल की रणनीतिक, सुरक्षा व विकास योजना के केंद्र में रहा है।

विश्व मंच पर पीएम मोदी प्रभावशाली आवाज : ब्रिटेन

क्लेवरली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विश्व मंच पर प्रभावशाली तरीके से बात रखने के लिए जाना जाता है। रूसी नेतृत्व भी वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति का सम्मान करता है। वह रूस-यूक्रेन युद्ध व पीएम मोदी के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत से जुड़े एक सवाल का उत्तर दे रहे थे। पीएम मोदी ने पिछले हफ्ते उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 22वें शिखर सम्मेलन के इतर पुतिन से कहा था, 'आज का युग युद्ध का नहीं है।'

राष्ट्रपति पुतिन उन आवाज पर गौर करेंगे, जो शांति स्थापना चाहते हैं

ब्रिटिश विदेश मंत्री ने कहा, 'मुझे लगता है कि पीएम मोदी का यह कदम स्वागत योग्य है। हमें उम्मीद है कि राष्ट्रपति पुतिन उन आवाज पर गौर करेंगे, जो शांति स्थापना व तनाव कम करने की मांग को लेकर उठी रही हैं। हम पीएम मोदी के इस कदम का स्वागत करते हैं।' उन्होंने कहा, 'हमने यूक्रेन युद्ध में कई जिंदगियां तबाह होते देखी हैं। इनमें यूक्रेन के साथ-साथ रूसी नागरिक भी शामिल हैं।'

उन्होंने कहा कि लोगों पर मंडराता खाद्य असुरक्षा व अकाल का खतरा यूक्रेन पर रूसी हमले से पहले की तुलना में कहीं ज्यादा हो गया है। क्लेवरली ने कहा, 'हमने हमेशा स्पष्ट किया है कि हमारे प्रतिबंध खाद्य वस्तुओं के निर्यात को प्रभावित नहीं करते। वे उर्वरक व अमोनिया के निर्यात को भी प्रभावित नहीं करते।'

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Edited By: Arun kumar Singh