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'खुद ले आओ अपना तेल', फ्यूल संकट के बीच सहयोगी देशों पर भड़के ट्रंप; एक्शन लेने की दी चेतावनी

Published: Thu, 02 Apr 2026 07:28 AM (IST)Updated: Thu, 02 Apr 2026 08:25 AM (IST)

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण ईंधन संकट गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सहयोगी देशों को ...और पढ़ें

HighLights

  1. ट्रंप ने ईंधन संकट पर सहयोगी देशों को लताड़ा।

  2. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल आपूर्ति बाधित।

  3. अमेरिका ने ईरान को बड़े हमले की चेतावनी दी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईंधन संकट गहराता जा रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सहयोगी देशों पर तीखा हमला बोला है और उन्हें खुद अपने संसाधनों का इंतजाम करने की सलाह दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बाधा के कारण जिन देशों को जेट फ्यूल नहीं मिल रहा है, उन्हें अब खुद कदम उठाने चाहिए। उन्होंने ब्रिटेन और अन्य देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका हमेशा उनकी मदद नहीं करेगा।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि जो देश इस संकट से जूझ रहे हैं, वे अमेरिका से तेल खरीद सकते हैं या खुद जाकर सप्लाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि देश अपनी सुरक्षा और जरूरतों के लिए खुद खड़े हों।

सहयोगियों पर निशाना

ट्रंप ने ब्रिटेन के साथ-साथ फ्रांस की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्रांस ने इजराइल के लिए सैन्य सामान ले जा रहे विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी, जिससे अमेरिका नाराज है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका इस व्यवहार को याद रखेगा। ट्रंप के इन बयानों से साफ है कि युद्ध के बीच अमेरिका और उसके सहयोगियों के रिश्तों में भी तनाव बढ़ रहा है। इसी दौरान अमेरिका ने ईरान के एक अहम परमाणु ठिकाने वाले शहर पर हमला किया, जिसके बाद बड़ा विस्फोट हुआ। जवाब में ईरान ने कुवैत के एक तेल टैंकर पर हमला किया।

तेल सप्लाई पर बड़ा असर

इस संघर्ष में अब तक 3000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और वैश्विक तेल व गैस सप्लाई पर गहरा असर पड़ा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, लगभग बंद हो चुका है।

इस वजह से जहाजों की आवाजाही कम हो गई है और कंटेनर, तेल टैंकर व अन्य माल ढुलाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो युद्ध शुरू होने के बाद 45% से ज्यादा बढ़ चुकी है। इससे दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है।

अमेरिका की सख्त चेतावनी

ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द युद्धविराम नहीं हुआ और होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खुला, तो अमेरिका ईरान के अहम ठिकानों को निशाना बना सकता है। इसमें तेल केंद्र और बिजली संयंत्र शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक नए और ज्यादा समझदार शासन के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि सैन्य कार्रवाई को खत्म किया जा सके।

लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका कड़ा कदम उठाएगा। ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान को 10 दिन का समय दिया गया था, जिसमें उसने कुछ टैंकरों को गुजरने की अनुमति दी थी। लेकिन अगर हालात नहीं सुधरे, तो अमेरिका और बड़े हमले कर सकता है।

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