वाशिंगटन, एजेंसियां। कोरोना वायरस और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और एक रहस्यमय अमेरिकी हथियार को लेकर नई किताब 'रेज' में छपी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियां चर्चा में आ गई हैं। चूंकि, राष्ट्रपति चुनाव में अब दो महीने से भी कम का वक्त बचा है, यह किताब ट्रंप को असहज कर सकती है। यह किताब अमेरिका के खोजी पत्रकार बॉब वुडवर्ड ने लिखी है। यह ट्रंप के 18 साक्षात्कारों पर आधारित है और 15 सितंबर से दुकानों पर उपलब्ध होगी। वुडवर्ड ने इस किताब और साक्षात्कार के कुछ अंश मीडिया को जारी किए हैं।

किम के बारे में

किताब के मुताबिक, ट्रंप ने वुडवर्ड को बताया था कि वह जब पहली बार 2018 में सिंगापुर में किम जोंग उन से मिले तो काफी प्रभावित हुए। ट्रंप ने कहा-किम ने मुझे 'सब कुछ' बताया। किम ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने फूफा को किस तरह मारा। ट्रंप ने लेखक से कहा था कि सीआइए को पता ही नहीं कि प्योंगयांग से कैसे निपटना है। ट्रंप ने उत्तर कोरिया के बारे में कहा था कि वह परमाणु हथियारों से अपने घर की तरह प्यार करता है और 'वे इसे बेच नहीं सकते'।

कोरोना के खतरे को नहीं दी तरजीह

ट्रंप ने माना था कि उन्होंने जानलेवा कोरोना वायरस के खतरे को सार्वजनिक रूप से इसलिए तवज्जो नहीं दी, क्योंकि वह लोगों में घबराहट पैदा नहीं करना चाहते थे। ट्रंप ने मार्च में वुडवर्ड से कहा था, 'मैं हमेशा इसे कम महत्व देना चाहता था। मैं अब भी इसे महत्व नहीं देना चाहता। मैं नहीं चाहता कि लोगों में घबराहट फैले।' ट्रंप ने सात फरवरी को एक अन्य साक्षात्कार में कहा था, 'कोरोना वायरस बहुत घातक फ्लू है और यह हवा से भी फैल सकता है।'

अमेरिका का गोपनीय हथियार

2017 में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ रहे तनाव के दौरान ट्रंप ने वुडवर्ड से कहा था, 'मैंने एक परमाणु हथियार प्रणाली बनाई है, जो इस देश में पहले कभी नहीं थी। हमारे पास एक ऐसी चीज है जिसके बारे में पुतिन (रूसी राष्ट्रपति) और चिनफिंग (चीनी राष्ट्रपति) ने पहले कभी नहीं सुना।

अमेरिका में नस्लवाद

वुडवर्ड ने राष्ट्रपति से पूछा था कि क्या एक श्वेत व्यक्ति के रूप में अश्वेत अमेरिकियों के गुस्से और दर्द को बेहतर ढंग से समझना उनकी जिम्मेदारी है। ट्रंप ने कहा-नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता। क्या अमेरिका में नस्लवाद है? ट्रंप ने कहा-हां, अमेरिका में भी है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

बिडेन का हमला

ट्रंप के डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन ने कोरोना वायरस पर राष्ट्रपति की स्वीकारोक्ति को अमेरिकी लोगों के साथ विश्वासघात बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जानबूझ कर झूठ बोल रहे थे, जबकि उन्हें अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए था। सदन की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने कहा कि ट्रंप की टिप्पणियां उनकी कमजोरी जाहिर करती हैं। 

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