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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग के CEO ने मांगी माफी, विमान दुर्घटना में मारे गए 346 लोग

By Ramesh MishraEdited By:
Published: Fri, 05 Apr 2019 01:15 PM (IST)Updated: Fri, 05 Apr 2019 01:19 PM (IST)

उन्‍होंने कहा कि ये त्रासदी हमारे दिल अौर दिमाग पर भारी पड़ रही है। हम उनके प्रियजनों के प्रति सहानुभूति प्रकट करते हैं।

अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग के CEO ने मांगी माफी, विमान दुर्घटना में मारे गए 346 लोग
अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग के CEO ने मांगी माफी, विमान दुर्घटना में मारे गए 346 लोग

वाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी (सीइओ) डेनिस मुइलबेनबर्ग ने गुरुवार को इंडोनेशिया और इथियोपिया में बोइंग 737 मैक्‍स विमान दुर्घटना में मारे गए 346 लोगों के लिए सार्वनिक रूप से माफी मांगी है। मुइलबेनबर्ग ने अपने माफीनामे में कहा कि बोइंग 737 मैक्‍स में दुर्घटनाओं में खोए हुए जीवन के लिए दिल से खेद प्रकट करते हैं।

उन्‍होंने कहा कि ये त्रासदी हमारे दिल अौर दिमाग पर भारी पड़ रही है। हम उनके प्रियजनों के प्रति सहानुभूति प्रकट करते हैं। सीइओ का यह माफीनाम विमान दुर्घटना के 25 दिन बाद आया है। बोइंग कंपनी के सीइओ ने कहा कि बहुत जल्‍द ही दोनों विमान दुर्घटनाओं का विवरण पेश किया जाएगा। 
बता दें कि 10 मार्च, 2019 की सुबह इथियोपिया एयरलांइस का बोइंग 737 मैक्‍स 8 विमान दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया था। इसमें चार भारतीय समेत 157 लोगों की मौत हो गई थी। यह विमान उड़ान भरने के करीब छह मिनट बाद ही हो गई थी। उस वक्‍त विमान की ऊंचाई 8600 फीट और रफ्तार 441 किमो प्रतिघंटा थी। छह महीने में बोइंग के इसी मॉडल का दूसरा प्‍लेन क्रैश होने से पूरी दुनिया में इसके इस्‍तेमाल कर रही एयरलाइंन कंपनियों में हड़कंप मच गया था।
इथियोपिया क्रैश के बाद 18 से ज्यादा देशों ने इन विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है, जबकि कई देशों ने इन विमानों के लिए अपना एयर स्पेश भी बंद कर दिया है। इससे पहले इंडोनेशियाई कंपनी लॉयन एयर का इसी मॉडल का नया विमान जकार्ता में अक्टूबर 2018 में क्रैश हुआ था। इस विमान हादसे में भी 189 लोगों की मौत हुई थी। खास बात ये है कि क्रैश होने वाले ये दोनों विमान एकदम नए थे। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार अगर समय रहते विमान में आ रही तकनीकी खामियों पर ध्यान दिया जाता तो इन हादसों को शायद टाला जा सकता था।