H-1B वीजा धारक भारतीय पेशेवरों को बड़ी राहत, अमेरिकी न्याय विभाग ने जॉब विज्ञापन को बताया वैध
अमेरिकी न्याय विभाग ने एच-1बी वीजा धारकों के लिए विशेष जॉब विज्ञापनों को अमेरिकी कामगारों के खिलाफ भेदभाव न मानते हुए एक महत्वपूर्ण फैसले को बरकरार रखा है।

H-1B वीजा धारक भारतीय पेशेवरों को बड़ी राहत। (प्रतीकात्मक तस्वीर )
HighLights
अमेरिकी न्याय विभाग ने एच-1बी जॉब विज्ञापनों को वैध माना।
यह फैसला भारतीय एच-1बी पेशेवरों के लिए बड़ी राहत लाया।
अमेरिकी कामगार संगठनों ने इस निर्णय पर चिंता जताई।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी न्याय विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसके अनुसार केवल एच-1बी वीजा धारकों के लिए निकाले गए जॉब विज्ञापन, अपने आप में अमेरिकी कामगारों के खिलाफ कोई गैर-कानूनी भेदभाव नहीं माने जाएंगे।
भारतीय पेशेवरों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण इस फैसले से अमेरिकी कामगारों के संगठनों में चिंता की लहर है। यह फैसला सीधे तौर पर उस वीजा कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें भारतीय पेशेवरों की बड़ी संख्या है।
भारतीय पेशेवरों के लिए बड़ी राहत
एच-1बी वीजा में 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी भारतीयों की है। ऐसे में यह फैसला भारतीय पेशेवरों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जबकि अमेरिकी कामगारों के पक्षकारों का मानना है कि इससे वीजा प्रक्रिया में अमेरिकी श्रमिकों की अनदेखी बढ़ सकती है।
बहरहाल, यह मामला तब शुरू हुआ जब 'यूएस टेक वर्कर्स' ने 'बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप' के खिलाफ शिकागो के 'पी33 एच-1बी कनेक्ट' जाब पोर्टल में भागीदारी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। न्यायाधीश ने इस शिकायत को खारिज कर दिया था।
अटार्नी जनरल टाड ब्लैंच ने रिपब्लिकन सांसदों के विरोध के बावजूद 60 दिन की समीक्षा अवधि को बीत जाने दिया, जिससे ट्रायल कोर्ट का फैसला स्वतः मान्य हो गया। उधर, सांसदों और याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इससे अमेरिकी नागरिकों के अधिकारों को तगड़ा झटका लगा है।
(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)
